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ISRO ने रचा इतिहास, लॉन्च किए 30 सैटलाइट, पढ़ें इस मिशन की खासियत

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के रॉकेट पीएसएलवी-सी 43 ने गुरुवार को भारत के भू प्रेक्षण उपग्रह एचवाईएसआईएस और आठ देशों के 30 अन्य उपग्रहों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किया।

ISRO ने रचा इतिहास, लॉन्च किए 30 सैटलाइट, पढ़ें इस मिशन की खासियत

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के रॉकेट पीएसएलवी-सी 43 ने गुरुवार को भारत के भू प्रेक्षण उपग्रह एचवाईएसआईएस और आठ देशों के 30 अन्य उपग्रहों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किया।

श्रीहरिकोटा के पहले लॉन्च पैड से सुबह 9:57 बजे शानदार तरीके से उड़ान भरी। एचवाईएसआईएस को प्रक्षेपण के 17 मिनट 27 सेकंड बाद कक्षा में स्थापित कर दिया गया। भारत का हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटलाइट प्राथमिक लक्ष्य पृथ्वी की सतह का अध्ययन करना है।
यह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वर्ण पट (स्पेक्ट्रम) के समीप इंफ्रारेड और शार्टवेव इंफ्रारेड क्षेत्रों में पृथ्वी की सतह का अध्ययन करेगा। जैसे ही उपग्रह ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित हुआ, इसरो प्रमुख के. सिवन और अंतरिक्ष एजेंसी के अन्य वैज्ञानिक उत्साहित नजर आए।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के सिवन ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी को कुछ परीक्षणों के लिए बाहरी मदद लेनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि हम भारत में उपलब्ध अधिकतम सुविधाओं का इस्तेमाल करना चाहते हैं और हम इसे अधिक से अधिक स्वदेशी बनाना चाहते हैं।
इसरो प्रमुख ने कहा कि 2022 तक प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) के (अंतरिक्ष में मानव को भेजने के) की परिकल्पना को साकार करने के लिए कुछ परीक्षण के लिए हम विदेश जा सकते हैं। लेकिन अभी हमने यह तय नहीं किया है।
अंतरिक्ष एजेंसी दिसंबर 2020 तक गगनयान परियोजना के तहत पहला मानव रहित कार्यक्रम शुरू करने का लक्ष्य रखा है। अगर गगनयान सफल होता है, तो भारत इस उपलब्धि को हासिल करने वाला चौथा राष्ट्र बन जाएगा। इसरो की भविष्य की योजना के बारे में सिवन ने कहा, "अगले वर्ष के लिए, हमारे पास 12-14 अभियान की योजना है।

पांच साल होगी आयु

पीएसएलवी उपग्रह सूर्य की कक्षा में 97.957 डिग्री के झुकाव के साथ स्थापित किया जाएगा और इसकी आयु करीब 5 साल है।

29 नैनो सेटेलाइट

पीएसएलवी के साथ जिन 30 अन्य सेटेलाइट का प्रक्षेपण गुरुवार को किया जाना है इसमें 1 माइक्रो और 29 नैनो सेटेलाइट होंगे। इनमें अमेरिका (23 सेटेलाइट) आस्ट्रेलिया, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदरलैंड एवं स्पेन के एक-एक उपग्रह शामिल हैं।
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