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LEO के बाद अंतरिक्ष में एक और उपलब्धि, ISRO ने सन सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट में EMISAT का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण

इसरो ने अंतरिक्ष में एक बार फिर से नया कीर्तिमान हासिल किया है। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी सी-45 ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। जिसमें EMISAT और अन्य 28 ग्राहक उपग्रह थे। पीएसएलवी-सी45 को सफलतापूर्वक एमीसैट को सन सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट में इंजेक्ट कराया। अब 28 कस्टमर सैटेलाइट को उनकी लक्ष्यित कक्षा में रखा जाएगा।

LEO के बाद अंतरिक्ष में एक और उपलब्धि, ISRO ने सन सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट में EMISAT का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण
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इसरो ने अंतरिक्ष में एक बार फिर से नया कीर्तिमान हासिल किया है। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी सी-45 ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। जिसमें EMISAT और अन्य 28 ग्राहक उपग्रह थे।

पीएसएलवी-सी45 को सफलतापूर्वक एमीसैट को सन सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट में इंजेक्ट कराया। अब 28 कस्टमर सैटेलाइट को उनकी लक्ष्यित कक्षा में रखा जाएगा।

बता दें कि इसरो ने ऐसा पहली बार किया है कि जब तीन अलग-अलग कक्षाओं में उपग्रहों को स्थापित करेगा। पीएसएलवी C-45 के द्वारा जिसमें EMISAT यानी इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटेलाइट सबसे महत्वपूर्ण है।

इसरो के अधिकारियों ने बताया कि चार चरणों वाला पीएसएलवी-सी45 श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लांच पैड से सोमवार सुबह नौ बजकर 27 मिनट पर प्रक्षेपित करेगा।

ISRO के पूर्व अध्यक्ष जी माधवन नायर ने बताया कि PSLVC45 इसरो के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह न केवल हमारे अपने उपग्रह बल्कि अन्य देशों के सैटेलाइट्स को भी लॉन्च करने जा रहा है।

इस मिशन की विशिष्टता यह है कि उपग्रहों को 3 अलग-अलग कक्षाओं में रखने जा रहा है। मुझे उम्मीद है कि यह हमेशा की तरह सौ फिसदी सफल होगा।

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