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यह है पहला देश जहां ''अजान'' पर लगेगी रोक

इजारायल में यहूदी लोगों की शिकायत पर अजान पर पाबंदी लग जाएगी।

यह है पहला देश जहां अजान पर लगेगी रोक
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इजरायल. इजारायल जैसे मुस्लिम बहुल देश में 'अजान' पर पाबंदी लगनी जा रही हैं। इजरायल में कानून-निर्माता एक ऐसा कानून पेश करने जा रहे हैं जिससे मस्जिदों के लाउडस्‍पीकर द्वारा अजान पर पाबंदी लग जाएगी। इस बिल के जरिए इजरायल और पूर्वी येरूशलम की सभी मस्जिदों में लाउडस्‍पीकर के प्रयोग पर रोक लगेगी।
द टाइम की रिपोर्ट के मुताबिक मुस्लिम समुदाय दिन में पांच बार नमाज पढ़ता है, इसपर यहूदी नागरिकों ने शिकायत की है कि इससे शोर होता है और सुबह-सुबह उनकी नींद खराब हो जाती है। त‍थाकथित मुअज्जिन कानून के प्रचारक कहते हैं कि यह कानून धार्मिक स्‍वतंत्रता पर लगाम लगाने के लिए नहीं, बल्कि बहुत ज्‍यादा शोर को रोकने के लिए है। इस बिल को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयहू का भी समर्थन मिला हुआ है, जिन्‍होंने यूरोप और मध्‍य-पूर्व के देशों में कई विधेयकों का हवाला दिया है, जो प्रार्थना के घंटों या आवाज पर नियंत्रण रखते हैं। वाशिंगटन पोस्‍ट की रिपोर्ट के अनुसार उन्‍होंने कहा, ”इजरायल धार्मिक स्‍वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है, मगर उसे शोर से अपने नागरिकों को जरूर बचाना चाहिए।”
नींद में खलल डालती है अजान-
प्रस्‍तावित कानून के आलोचकों का कहना है कि इससे इजरायल के यहूदियों और अरब समुदाय के बीच की खाई और बढ़ जाएगी। इजरायली अखबार मारीव में इजरायल डेमोक्रेसी इंस्‍टीट्यूट के नसरीन हदद हज-यहया ने लिखा है, ”असल उद्देश्‍य (बिल का) शोर रोकना नहीं है, बल्कि शोर पैदा करना है जो कि हर समाज को चोट पहुंचाएगा और यहूदियों और अरब के बीच वास्‍तविकता स्‍थापित करना है।” इस कानून पर फिलहाल बहस चल रही है। बिल लाने वालों को उम्‍मीद है कि अगले कुछ सप्‍ताह में यह पास हो जाएगा।
दिन मे पांच बार की अजान से परेशान हैं लोग-
इजरायल ऐसा देश जो मुस्लिम देशों से घिरा है। यहां मुसलमानों में तनातनी रहती है। कानून बनाने वाले इजरायल में एक ऐसा कानून पेश करने जा रहे हैं जिससे वहां मस्जिदों के लाउडस्‍पीकर पर पाबंदी लग जाएगी। लोगों का कहना है कि अज़ान से लोगों की नींद में खलल पड़ता है और बहुत शोर होता है। इसलिए लाउडस्पीकर पर बैन होना चाहिए। इस बिल के पास होने पर इजरायल और ईस्ट येरूशलम की सभी मस्जिदों से लाउडस्‍पीकर उतर जाएंगे।
बच्चों और बुजुर्गों की होती है नींद ख़राब-
ज्ञात हो कि मुस्लिम समुदाय दिन में पांच बार नमाज़ पढ़ते हैं और पांचों वक्त अज़ान होती है। यहूदियों का कहना है कि इससे दिक्कत होती है। शोर होता है और सुबह-सुबह नींद खराब हो जाती है। येरूशलम के डिप्टी मेयर येल अन्तेबी ने वाशिंगटन पोस्ट से बताया कि अज़ान दिन में पांच बार होती है। अजान से बच्चों और बुजुर्गों की नींद ख़राब होती है। इस बिल को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का भी समर्थन मिला हुआ है। उन्‍होंने कैबिनेट मीटिंग में कहा, इजरायल के सभी सोसाइटी और रिलिजन की शिकायत है कि अज़ान से बहुत शोर होता है। इजरायल धार्मिक स्‍वतंत्रता के लिए कमिटेड है. लेकिन शोर से अपने लोगों को जरूर बचाना चाहिए।’
हालांकि कानून के आलोचकों का कहना है कि, ये कानून शांति का नहीं बल्कि और शांति को भंग करने वाला है। इससे इजरायल के यहूदियों और अरब कम्युनिटी के बीच और दूरी बढ़ जाएगी। इजरायली अखबार मारीव में इजरायल डेमोक्रेसी इंस्‍टीट्यूट के नसरीन हदद हज-यहया ने लिखा है, ‘बिल का असल मकसद शोर रोकना नहीं है, बल्कि हर सोसाइटी को चोट पहुंचाना है।
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