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आइसिस जिहादी का कबूलनामा, सेना से लड़ने पर मिलते हैं पैसे

गिरफ्तार जिहादी ने पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे किए।

आइसिस जिहादी का कबूलनामा, सेना से लड़ने पर मिलते हैं पैसे
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नई दिल्ली. राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने भारत में आतंकी हमले करने की साजिश के सिलसिले में बुधवार को एक शख्स को गिरफ्तार किया है। इस शख्‍स के संबंध आइसिस से बताये जा रहे हैं। आरोपी की पहचान तमिलनाडु में तिरुनेलवेली के रहने वाले सुबहानी हाजा मोइदीन के रूप में की गई है। पूछताछ के दौरान इस शख्‍स ने बताया है कि आइसिस सेना से लड़ने के लिए उसे हर महीनें 100 डॉलर देता था। अंग्रेजी अखबार टाइम्‍स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार, पूछताछ में मोइदीन ने कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि ट्रेनिंग लेने के लिए उसे मैसूल भेजा गया था और फिर जहां उसे इराकी सेना से लड़ने के लिए तैयार किया गया। आइसिस उसे कुल 100 डालर यानी 6,673 रुपये महीना देता था। रहने और खाने का इंतजाम अलग से था।

मोइदीन ने कहा, ‘मेरी ट्रेनिंग 30-35 लोगों के बीच हुई। उनमें से ज्यादातर विदेशी थे जिसमें अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, लेबनान, पाकिस्तान और बाकी देशों के लोग थे। हमें ट्रेनिंग देने वाला शख्स अफगान का था। हम लोगों की ट्रेनिंग काफी कड़ी होती थी। ट्रेनिंग के वक्त हमें एक छोटे से कमरे में रखा जाता था और सुबह से लेकर शाम तक ट्रेनिंग चलती ही रहती थी।’ प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, उसने आगे कहा, ‘मुझे 100 डॉलर महीने के दिए जाते थे। इसके अलावा खाना और रहने की जगह उनकी थी।’

मोइदीन ने बताया कि ट्रेनिंग के बाद उसे एक ‘फर्जी लड़ाई’ के लिए भी भेजा गया था। बाद में उसे असली लड़ाई के मैदान में उतार दिया गया। जहां उसे इराक और कुर्द की सेना से लड़ना होता था। जब उसका वहां ‘मन नहीं लगा’ तो वह भागकर इस्तांबुल आ गया। इसके बाद वह दो हफ्तों तक गैरकानूनी तरीके से वहीं पर रहा। इसके बाद उसने भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क किया। फिर सिंतबर के अंत में उसे मुंबई के रास्ते भारत लाया गया। तब से अबतक वह केरल की एक दुकान पर काम कर रहा था लेकिन कुछ दिनों पहले ही वह फिर से आइसिस के संपर्क में आ गया था। वह भारत में कुछ हमले करना चाहता था और कुछ लोगों को मारने की भी योजना थी।

विदेशी पर्यटक और न्यायाधीश थे निशाने पर
आइसिस का संदिग्ध सदस्य कथित रूप से केरल में कुछ न्यायाधीशों और विदेशी पर्यटकों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था। सुबहानी हाजा मोइदीन के रुप में की गयी है। एनआइए ने भारत में आतंकी हमले करने की कथित साजिश के सिलसिले में कल उसे गिरफ्तार किया। सूत्रों ने दावा किया कि मोइदीन की केरल में तैनात कुछ न्यायाधीशों और साथ ही तटीय राज्य के समुद्र तटों की यात्रा करने वाले विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने की योजना थी। सूत्रों के अनुसार मोइदीन कथित तौर पर एकमात्र ऐसा भारतीय है जिसे इराक के मोसुल में युद्ध का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया।

एनआइए ने एक बयान में कहा कि आरोपी ने देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची थी और वह तमिलनाडु में पटाखा कारखानों से रासायनिक विस्फोटक जमा करने की योजना बना रहा था। मोइदीन को आइसिस ने जेल में बंद कर दिया और फिर एक इस्लामिक न्यायाधीश के सामने पेश किया जिसने उसे सीरिया भेज दिया। उसने दावा किया कि उसे सीमा पार कर तुर्की जाने दिया गया जहां उसने इस्तांबुल के भारतीय वाणिज्य दूतावास की मदद से अपने परिवार से संपर्क किया। मोइदीन छह महीने के अंतराल पर एक आपात प्रमाणपत्र पर पिछले साल सितंबर में मुंबई पहुंचा और अपने पैतृक स्थल पहुंचा।
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