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खुलासा: काबुल होटल हमले के आरोपियों को आईएसआई ने दी थी ट्रेनिंग

मावंद के एएनए बेस पर तालिबान हमलावरों के पास से नाइट विजन चश्मे बरामद हुए हैं।

खुलासा: काबुल होटल हमले के आरोपियों को आईएसआई ने दी थी ट्रेनिंग
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अफगानिस्तान के एक शीर्ष राजनयिक ने काबुल के मशहूर इंटरकॉन्टिनेंटल होटल पर हमले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से कनेक्शन का खुलासा किया है।

संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि महमूद सैकल ने कहा कि होटल पर हमला करने वाले एक आतंकी को आईएसअाई ने प्रशिक्षण दिया था। इस हमले में दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

महमूद ने एक ट्वीट में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए।

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उन्होंने ट्वीट में कहा कि पिछले हफ्ते काबुल के इंटरकॉन्टिनेंटल होटल पर हमला करने वालों में शामिल एक आतंकी के पिता अब्दुल कहर ने स्वीकार किया है कि उनके बेटे को पाकिस्तान की एजेंसी आईएसअाई ने बलूचिस्तान प्रांत के चमन इलाके में प्रशिक्षण दिया था। कहर इस समय अफगान अधिकारियों की कस्टडी में हैं।

पाकिस्तान में रची गई थी साजिश

गौरतलब है कि 20 जनवरी को आत्मघाती जैकेट पहने तालिबान के आतंकियों ने आधुनिक हथियारों से काबुल के मशहूर होटल पर हमला किया था।

आतंकियों ने होटल के एक कमरे से दूसरे कमरे में जाकर विदेशियों को ढूंढा और उन्हें मौत के घाट उतार दिया। यह खूनी खेल 12 घंटे से ज्यादा समय तक चला था।

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अमेरिका में अफगान दूतावास के एक मिड-लेवल डिप्लोमैट ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि हमले की पूरी साजिश पाकिस्तान में रची गई थी।

आतंकियों के पास से नाइट विजन चश्मे बरामद

अफगान दूतावास में सांस्कृतिक मामलों के राजनियक मजीद करार ने ट्वीट कर कहा, साफतौर पर इस बात का सबूत है कि काबुल होटल पर हमले की साजिश पाकिस्तान के एक मदरसे में रची गई थी।

इसके जीते जागते गवाह एक आत्मघाती हमलावर के पिता अब्दुल कहर मौजूद हैं। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, मावंद के एएनए बेस पर तालिबान हमलावरों के पास से नाइट विजन चश्मे बरामद हुए हैं।

ये कोई सामान्य चश्मे नहीं हैं, इसे सैनिक इस्तेमाल करते हैं। इसकी आपूर्ति जनता के लिए नहीं की जाती है।

ब्रिटिश कंपनी से इस चश्मे को पाक आर्मी ने खरीदा था और उसने इसे कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा और अफगानिस्तान में तालिबान को दे दिया।

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