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वाड्रा के करीबी हथियार कारोबारी संजय भंडारी पर कसा शिकंजा, बेल पर ब्रिटेन में 13 मई को सुनवाई

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्यर्पण वारंट (Extradition warrant) पर जुलाई 2020 में गिरफ्तार किए गए एवं भारत को अपने प्रत्यर्पण का विरोध कर रहे भंडारी से जुड़े मामले की सुनवाई शुक्रवार को होनी थी, लेकिन जिला न्यायाधीश माइकल स्नो (District Judge Michael Snow) ने इसे एक हफ्ते के लिए टाल दिया है।

वाड्रा के करीबी हथियार कारोबारी संजय भंडारी पर कसा शिकंजा, बेल पर ब्रिटेन में 13 मई को सुनवाई
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ब्रिटेन में रॉबर्ट वाड्रा के करीबी हथियार कारोबारी संजय भंडारी (Arms dealer sanjay bhandari) की जमानत पर अब 13 मई को सुनवाई होगी। भारतीय एजेंसियां मनी लांड्रिंग केस (Money laundering Case) में संजय भंडारी (sanjay bhandari) की हिरासत चाहती हैं। इसलिए, भारतीय एजेंसियों ने भंडारी के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटिश कोर्ट (British Court) में अर्जी दे रखी है। ऐसे में भारत (India) में धनशोधन के आरोपों में वांछित भगोड़ा अपराधी एवं हथियार डीलर भंडारी के प्रत्यर्पण मामले को देख रही ब्रिटेन की एक कोर्ट ने उसकी जमानत 13 मई तक के लिए बढ़ा दी है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्यर्पण वारंट (Extradition warrant) पर जुलाई 2020 में गिरफ्तार किए गए एवं भारत को अपने प्रत्यर्पण का विरोध कर रहे भंडारी से जुड़े मामले की सुनवाई शुक्रवार को होनी थी, लेकिन जिला न्यायाधीश माइकल स्नो (District Judge Michael Snow) ने इसे एक हफ्ते के लिए टाल दिया है। जिससे कि और अधिक सूचना उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार को समय मिल सके। खबरों से मिली जानकारी के मुताबिक संजय भंडारी (sanjay bhandari), रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) का करीबी बताया जाता है।

मामले में पूर्ण सुनवाई की तारीख सात जून से 11 जून के बीच रखी गई है, लेकिन अगले हफ्ते होने वाली मामला प्रबंधन सुनवाई में कुछ मुद्दों की वजह से इन तारीखों में बदलाव किए जाने की संभावना है। धनशोधन के आरोपों में भंडारी भारत (India) में वांछित है. वह सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) द्वारा दर्ज किए गए मामलों में जांच का सामना कर रहा है। भंडारी (bhandari) के प्रत्यर्पण के भारत सरकार (Indian Government) के आग्रह का पिछले साल 16 जून को ब्रिटेन (Britain) की गृह मंत्री प्रीति पटेल (Home Minister Preeti Patel) ने सत्यापन कर दिया था।

और एक महीने बाद 15 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में उसे जमानत (bail) मिल गई थी। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट (Court) फैसला देगा। भंडारी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (Prevention of money laundering act) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुकदमा दर्ज कर रखा है, जबकि सीबीआइ (CBI) ने अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज कर रखे हैं।

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