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UNSC में पाकिस्तान और चीन को झटका, कश्मीर मुद्दे पर 9 वोट भी नहीं मिले

भारत ने जब से कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म किया तब से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इसके बाद पाकिस्तान ने अनुच्छेद 370 का मुद्दा विश्व बिरादरी के सामने उठाया लेकिन वहां भी उसे समर्थन नहीं मिल पाया।

UNSC में पाकिस्तान और चीन को झटका, कश्मीर मुद्दे पर 9 वोट भी नहीं मिले

भारत ने जब से कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म किया तब से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इसके बाद पाकिस्तान ने अनुच्छेद 370 का मुद्दा विश्व बिरादरी के सामने उठाया लेकिन वहां भी उसे समर्थन नहीं मिल पाया। पाकिस्तान की दलील संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लगभग सभी देशों के सामने नहीं टिकी लेकिन केवल चीन ने फरियाद सुनी। चीन के कहने पर अब शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र कश्मीर मुद्दे पर बैठक करने जा रहा है।

बता दें कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है जब संयुक्त राष्ट्र को दरवाजे के पीछे बैठक करनी पड़े। लेकिन चीन न जाने क्यों पाकिस्तान के इशारे पर ऐसा कर रहा है। बताया जाता है कि चीन इसलिए पाकिस्तान का समर्थन कर रहा है क्योंकि उसका पाकिस्तान में बहुत कुछ दांव पर लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब कश्मीर मुद्दे पर कोई मीटिंग होने जा रही है।

पहली बैठक 1965 में हुई थी लेकिन अब दूसरी बार जो बैठक होने जा रही है वो पहली बैठक से अलग है। दरअसल पहली बैठक बंद दरवाजे के पीछे नहीं हुई थी और सुरक्षा परिषद् के अधिकांश सदस्य देशों ने पाकिस्तान का समर्थन किया था।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा के इन देशों ने नहीं किया पाकिस्तान का समर्थन

जानकारी के लिए आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा में कुल देशों की संख्या 15 है। जिसमें 5 स्थाई और 10 अस्थाई हैं। स्थाई सदस्यों में रूस, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस हैं, जबकि अस्थाई में इंडोनेशिया, पेरू, जर्मनी, साउथ अफ्रीका, कुवैत, डोमिनिक रिपब्लिक, बेल्जियम, पोलैंड, कोट डीवोएर और इक्वेटोरियल गुएनी देश शामिल हैं। स्थाई सदस्यों में केवल चीन ने पाकिस्तान का समर्थन किया है, जबकि अन्य देशों ने यह कहकर पाकिस्तन को ठेंगा दिखा दिया है कि कश्मीर मुद्दा भारत-पाक का आंतरिक मामला है। जबकि अस्थाई में केवल पौलंड ने पाकिस्तान का समर्थन किया है।

संयुक्त राष्ट्र देशों की वीटो प्रक्रिया

जैसा की आपको बता चुके हैं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा में कुल देशों की संख्या 15 हैं, जिनमें 5 स्थाई और 10 अस्थाई हैं। स्थाई सदस्यों में रूस, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस हैं, जनके पास वीटो पावर है। वीटो पावर को सरल शब्दों में बताया जाए तो इसका मतलब यह हुआ अगर किसी प्रस्ताव पर 5 स्थाई सदस्यों में से कोई एक भी विरोध करता है तो वह प्रस्ताव सुरक्षा परिषद में पास नहीं होता है।

अब जब कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को इतने देश नकार चुके हैं तो वो किस मुंह से खुलेआम बैठक करेगा। इसलिए संयुक्त राष्ट्र ने पास अब बंद दरवाजे के पीछे बैठक किए जाने का ऑप्शन है ताकि देश की जगहंसाई होने से बच जाए।

बैठक में शामिल नहीं होंगे भारत-पाक

बता दें कि बंद दरबाजे के पीछे होने वाली बैठ में न तो भारत शामिल हो सकेगा और न ही पाकिस्तान, क्योंकि दोनों देश संयुक्त राष्ट्र के न तो स्थाई सदस्य हैं और न ही अस्थाई। लेकिन इस पाकिस्तान के पक्ष में वकालत करने के लिए चीन साथ देगा और भारत के खिलाफ उसके पास कोई कुटिल चाल चलने का पूरा मौका भी रहेगा। हालांकि सुरक्षा परिषद में सुधार करने और भारत को स्थायी सदस्य बनाए जाने की मांग पिछे काफी लंबे वक्त से चली आ रही है।

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