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ब्रिटेन सरकार की होम सेक्रेटरी प्रीति पटेल का पूरा प्रोफाइल, 2010 में जीता पहला चुनाव

भारतीय मूल की प्रीति पटेल को ब्रिटेन की नई बोरिस जॉनसन सरकार में होम सेक्रेटरी बनाया गया है। जॉनसन को प्रधानमंत्री नामित किए जाने के कुछ ही घंटों बाद यह खबर सामने आई कि प्रीति पटेल इस जिम्मेदारी को संभालेंगी। इसे ब्रिटेन की सरकार के चार सबसे महत्वपूर्ण कार्यालयों में से एक माना जाता है।

ब्रिटेन सरकार की होम सेक्रेटरी प्रीति पटेल का पूरा प्रोफाइल, 2010 में जीता पहला चुनाव
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भारतीय मूल की प्रीति पटेल को ब्रिटेन की नई बोरिस जॉनसन सरकार में होम सेक्रेटरी बनाया गया है। जॉनसन को प्रधानमंत्री नामित किए जाने के कुछ ही घंटों बाद यह खबर सामने आई कि प्रीति पटेल अब इस अहम पद की जिम्मेदारी को संभालेंगी। इसे ब्रिटेन की सरकार के चार सबसे महत्वपूर्ण कार्यालयों में से एक माना जाता है।

प्रीति पटेल के माता-पिता मूलरूप से गुजरात के रहने वाले हैं। वह गुजरात से युगांडा चले गए थे। इसके बाद 1960 के दशक में वहां से ब्रिटेन आए। उनके पिता नाम सुशील और मां का नाम अंजना पटेल है। प्रीति का जन्म 29 मार्च 1972 को इंग्लैंड में हुआ। इसके बाद प्रीति ने कील और एसेक्स यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की।

ग्रेजुएशन कंपलीट करने के बाद उसने कंजरवेटिव पार्टी के केंद्रीय ऑफिस में काम किया। फिर साल 1995 से 1997 तक सर जेम्स गोल्डस्मिथ के नेतृत्व वाली रेफरेंडम पार्टी की प्रवक्ता रहीं। फिर साल 1997 में कंजरवेटिव पार्टी में शामिल हो गईं, अगले तीन सालों तक कंजरवेटिव पार्टी की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी बनी रही।

साल 2010 में जीतीं पहला चुनाव

प्रीति पटेल को साल 2010 में पहली बार एसेक्स में विटहेम से चुना गया था। इसके बाद उन्हें एक्सचेकर सेक्रेटरी और वर्क एंड पेंशन मिनिस्टर बनाया गया। वह मीडिया की सुर्खियों में तब छा गईं थीं जब वह इंटरनेशनल डेवलपमेंट सेक्रेटरी बनी। इसके बाद साल 2017 में उन्होंने जब इंटरनेशनल डेवलपमेंट सेक्रेटरी के पद से इस्तीफा दिया तो भी वह खबरों में छाई रहीं।

इजराइली नेताओं से निजी मीटिंग्स से विवाद

47 वर्षीय प्रीति पटेल उस समय कैबिनेट छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था जब यह मामला सामने आया था कि उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत अन्य नेताओं के साथ निजी या अनाधिकृत बैठकें (Unauthorised Meetings) की थीं।

यही नहीं जब वह अफ्रीका के आधिकारिक दौरे पर थीं उनकी मीटिंग को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। उन्हें वापस बुला लिया गया। तब देशभर के पत्रकार उनपर नजर रख रहे थे।

ब्रेग्जिट का खुलकर किया समर्थन

प्रीति पटेल को ब्रेग्जिट को लेकर काफी सख्त तेवरों वाली नेता मानी जाती हैं। साल 2016 में उन्होंने यूरोपीय यूनियन से अलग होने का खुलकर समर्थन किया था। यूरोपीय यूनियन के जनमत संग्रह के दौरान उन्होंने 'वूमेन फॉर ब्रेग्जिट' अभियान की शुरुआत की।

तब उन्होंने कहा था कि जैसे महिलाएं बीसवीं शताब्दी में वोट के लिए लड़ रही हैं, ब्रेग्जिट के कैंपेनर्स 'हमारी लोकतांत्रिक स्वतंत्रता' के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने नए प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के लिए चले अभियान बैक बोरिस का भी खुलकर समर्थन किया था।

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