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इस देश ने लॉकडाउन किए बिना ऐसे हराया कोरोना वायरस को, आप भी हरा सकते हैं ऐसे

इस देश ने बिना लॉकडाउन किए हुए कोरोना वायरस के जंग को जीता है। इन तरीकों को आप भी अपनाकर कोरोना से लड़ सकते हैं।

कोरोना नेगेटिव के बावजूद 14 दिनों तक क्वारैंटाइन में रहना अनिवार्य, जल्द ही शुरू किए जाएंगे रैपिड टेस्ट
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कोरोना वायरस

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया। दुनिया भर में करीब 230 करोड़ लोग खुद को अपने घरों में कैद कर रखे हुए है। वहीं कोरोना से लड़ने के लिए सबसे बड़ा लॉकडाउन भारत में किया गया।

लेकिन इस बीच दक्षिण कोरिया में कोरोना की जंग से जीतने के लिए एक अनोखी पहल की जा रही है, जिसे दुनियाभर में लोग प्रशंसा कर रहे हैं। ताइवान के बाद दक्षिण कोरिया ने भी बिना लॉकडाउन किए हुए कोरोना की जंग से जीत हासिल की है।

जिससे आज दक्षिण कोरिया कोरोना संक्रमित देशों की सूची में 8वें पायदान पर है। इस देश में कोरोना संक्रमण के 9037 मामले मिले हैं, जिसमें से 3500 से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। जबकि 129 लोगों ने अपनी जान गवां दी। हालांकि अभी 59 ऐसे मरीज है, जिसकी हालत गंभीर है।

लॉकडाउन किए बिना कोरोना को किया कंट्रोल

हैरत की बात है इस देश की हालत इतने गंभीर होने के बावजूद भी आज तक लॉकडाउन नहीं किया गया। दरअसल दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री कांग युंग का कहना है कि जल्द टेस्ट और बेहतर इलाज के कारण यहां के हालात को कंट्रोल किया गया। इस देश में 600 से ज्यादा टेस्टिंग सेंटर खोले।

50 से ज्यादा ड्राइविंग स्टेशनों पर स्क्रीनिंग की। 10 मिनट में रिमोट टेम्परेचर स्कैनर और गले की खराबी जांच के बाद एक घंटे के अंदर रिपोर्ट मिलने की व्यवस्था की गई। हमने हर जगह पारदर्शी फोनबूथ को टेस्टिंग सेंटर में तब्दील किया। यहां कि विशेषज्ञों ने लोगों को कोरोना से लड़ने के लिए हाथों के इस्तेमाल करने का तरीका बताया गया।

अगर कोई व्यक्ति दाएं हाथ से काम करता है, तो वह बाएं हाथ से मोबाइल चलाना, दरवाजे का हैंडल पकड़ने और हर छोटे-बड़े काम को करें। अगर कोई व्यक्ति बाएं हाथ से काम करता है तो दाएं हाथ से काम करें। ऐसा इसलिए कहा गया क्योकि व्यक्ति जिस हाथ से ज्यादा काम करता है, उसी हाथ से चेहरे पर ज्यादा इस्तेमाल करता है।

यह तकनीक लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ। दक्षिण कोरिया में, सरकार ने संक्रमण की जाँच करने के लिए बड़ी इमारतों, होटलों, पार्किंग और सार्वजनिक स्थानों पर थर्मल इमेजिंग कैमरे लगाए, ताकि बुखार से पीड़ित व्यक्ति की तुरंत पहचान की जा सके। रेस्तरां में भी बुखार की जाँच के बाद ही ग्राहकों को प्रवेश दिया जाएष

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Priyanka Kumari

Priyanka Kumari

Jr. Sub Editor


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