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हॉवर्ड यूनिवर्सिटी केवल हमारे साझा अतीत का हिस्सा नहीं भविष्य का भी एक हिस्सा है: एस जयशंकर

पिछले 2 दशकों में इस रिश्ते में काफी सकारात्मक परिवर्तन आया है। चाहे वो हमारा रणनीतिक और सुरक्षा सहयोग हो या हमारी आर्थिक या प्रौद्योगिकी साझेदारी। कोविड का अनुभव हम सभी के लिए काफी तनावपूर्ण रहा है।

हॉवर्ड यूनिवर्सिटी केवल हमारे साझा अतीत का हिस्सा नहीं भविष्य का भी एक हिस्सा है: एस जयशंकर
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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) अमेरिका (America) के दौरे पर हैं। यहां पर उन्होंने हॉवर्ड यूनिवर्सिटी (Howard University) में अपने संबोधन में कहा कि हमारे संबंधों को विकसित करने के लिए यह आवश्यक है कि अमेरिका (US) के युवाओं को भारत और दुनिया की बेहतर समझ हो। हम स्वाभाविक भागीदार तभी होते हैं जब हमारे लोगों में जुड़ाव की मज़बूत भावना होती है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आगे कहा कि हॉवर्ड यूनिवर्सिटी केवल हमारे साझा अतीत का हिस्सा नहीं है, यह भविष्य का भी एक हिस्सा है जो हमारी प्रतीक्षा कर रहा है। हमारा मानना है कि हमारे भविष्य में एक बड़ी भूमिका हमारे 2 देशों के बीच संबंधों द्वारा निभाई जाएगी।

पिछले 2 दशकों में इस रिश्ते में काफी सकारात्मक परिवर्तन आया है। चाहे वो हमारा रणनीतिक और सुरक्षा सहयोग हो या हमारी आर्थिक या प्रौद्योगिकी साझेदारी। कोविड का अनुभव हम सभी के लिए काफी तनावपूर्ण रहा है। इसने हमें यह भी दिखाया कि दुनिया भर में दोस्ती और रिश्ते क्या कर सकते हैं... हम भारत में 3 कोविड वैक्सीन का हम उत्पादन कर रहे हैं, जो अमेरिका के साथ हमारे संबंधों का प्रत्यक्ष परिणाम हैं।

दोनों देशों के नीति-निर्माता हमारे शैक्षिक सहयोग से आने वाले अपार परिवर्तन से भली-भांति परिचित हैं। हमारी 2020 की राष्ट्रीय शैक्षिक नीति शिक्षा भी अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को प्राथमिकता देती है। पिछली साल भारत में हमने कोविड के डेल्टा वेरिएंट की एक बहुत ही गंभीर लहर का सामना किया। इस दौरान देश में ऑक्सीजन, श्वासयंत्र और कुछ दवाओं की भारी मांग थी। बहुत सारे देश मदद के लिए आगे आए लेकिन एक देश जो वास्तव में मदद के लिए सबसे आगे रहा, वो अमेरिका था।

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