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SCO समिट: पीएम मोदी ने शी जिनपिंग से कहा- पाकिस्तान से अभी नहीं होगी कोई बातचीत

शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे। यहां पर मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत किया।

SCO समिट: पीएम मोदी ने शी जिनपिंग से कहा-  पाकिस्तान से अभी नहीं होगी कोई बातचीत

शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे। यहां पर मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत किया। बिश्केक में पीएम मोदी ने अन्य देशों के नेताओं से मुलाकात भी। बिश्केक में भारत और चीन की द्विपक्षीय बातचीत चल रही है। पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बिश्केक में जारी एससीओ समिट से इतर दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी के साथ मुलाकात हुई। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी बिश्केक में एससीओ समिट में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने साफ-साफ कहा है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा तब तक उससे बातचीत नहीं होगी। विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा है कि पीएम मोदी ने विशेष रूप से शी जिनपिंग को अवगत कराया और सहमति व्यक्त की कि दोनों पक्षों को रिश्तों में उम्मीदें बढ़ाने की जरूरत है। खबरों से मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने अगले अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया। वहीं शी जिनपिंग ने इस साल भारत आने की पुष्टि भी की है।

पीएम ने कहा कि दो पक्षों के बीच जो सुधार हुआ है वह रणनीतिक संचार है और इस संदर्भ में, हम लंबे समय से लंबित मुद्दों को हल करने में सक्षम हैं। जैसे कि भारत में बैंक ऑफ चाइना की शाखा और मसूद अजहर की सूची से संबंधित मुद्दा शामिल है।


विजय गोखले आने आगे कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने रूश राष्ट्रपति पुतिन व्लामिदिर से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने सितंबर की शुरुआत में रूस के व्लादिवोस्तोक में पूर्वी आर्थिक मंच में मुख्य अतिथि के रूप में पीएम को आमंत्रित किया है। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के निमंत्रण को स्वीकर कर लिया है।

उन्होंने आगे कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय या क्षेत्रीय मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई क्योंकि पूरी तरह से ध्यान अगले वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए प्रधान मंत्री की यात्रा को सफल बनाने के लिए था।

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