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Joe Biden Inauguration: अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन ने ली शपथ, बोले- देश में एकजुटता बेहद जरूरी

कमला देवी हैरिस ने देश की पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली भारतीय अमेरिकी उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा संसद भवन पर छह जनवरी को हुए हमले के मद्देनजर आज सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरा समारोह बिना किसी रुकावट के संपन्न हुआ।

Joe Biden Inauguration: अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन ने ली शपथ, बोले- देश में एकजुट बेहद जरूरी
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अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन ने ली शपथ

जो बाइडन ने बुधवार को आयोजित ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और देश को एकजुट करने का वादा करते हुए नागरिकों से देश को बांटने वाले अशिष्ट युद्ध को समाप्त करने का आह्वान किया। कमला देवी हैरिस ने देश की पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली भारतीय अमेरिकी उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा संसद भवन पर छह जनवरी को हुए हमले के मद्देनजर आज सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरा समारोह बिना किसी रुकावट के संपन्न हुआ।

कमला देवी हैरिस ने रचा इतिहास

चेन्नई मूल की भारतीय प्रवासी माता और जमैका से ताल्लुक रखने वाले अफ्रीकी पिता की बेटी 56 वर्षीय हैरिस ने देश की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनकर इतिहास में नाम दर्ज कराया है। राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले भाषण में बाइडन ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हमें इस असभ्य युद्ध को समाप्त करना ही होगा जो लाल को नीले के खिलाफ (अमेरिकी झंडे के रंग), गांवों को शहरों के खिलाफ और कट्टरपंथियों को उदारवादियों के खिलाफ खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि हम यह कर सकते हैं, अगर हम अपने दिल के दरवाजे बंद करने की जगह उन्हें खोल दें। अगर हम थोड़ा धैर्य और मानवता दिखाएं, और अगर हम दूसरों के नजरिए से सोचने का प्रयास करें (हम ऐसा कर सकते हैं।)

दुनिया के साथ एक बार फिर साझेदारी बढ़ाने का वादा

बाइडन ने अमेरिका के साझेदारों के साथ संबंधों को दुरुस्त करने और दुनिया के साथ एक बार फिर साझेदारी बढ़ाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने परीक्षा दी है और मजबूत होकर उभरा है। हम अपने साझेदारों के साथ संबंधों को दुरुस्त करेंगे और एक बार फिर दुनिया के साथ अपना मेल-जोल बढ़ाएंगे। बाइडन ने कहा कि हम सिर्फ अपनी शक्ति के आधार पर नेतृत्व नहीं करेंगे, बल्कि उदाहरण पेश करेंगे और उसके आधार पर आगे चलेंगे। हम शांति, प्रगति और सुरक्षा के लिए मजबूत तथा विश्वस्त साझेदार साबित होंगे। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका का दिन है। आज लोकतंत्र का दिन है। इतिहास और आशा का दिन है।

एक मकसद की जीत का जश्न मना रहे हैं: बाइडन

राष्ट्रपति ने कहा कि आज हम एक उम्मीदवार की जीत का नहीं बल्कि एक मकसद की जीत का जश्न मना रहे हैं। लोगों, लोगों की इच्छाओं को सुना गया है और उनकी आकांक्षाएं समझी गई हैं। नवंबर में चुनाव में मिली जीत को अस्वीकार करने के पूर्वराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों का परोक्ष संदर्भ देते हुए बाइडन ने कहा कि हमने फिर से सीखा है कि लोकतंत्र मूल्यवान है। लोकतंत्र नाजुक है। मेरे दोस्तो, मौजूदा स्थिति में लोकतंत्र की जीत हुई है। गौरतलब है कि ट्रंप ने देश की 152 साल पुरानी परंपरा को नजरअंदाज करते हुए बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा नहीं लिया और व्हाइट हाउस से निकल कर सीधे फ्लोरिडा चले गए। अपने 21 मिनट लंबे भाषण में बाइडन ने चुनौती स्वीकार करने और लोकतंत्र को पुन: बहाल करने के लिए अमेरिकी नागरिकों की प्रशंसा की।

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