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राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को पलटेंगे जो बाइडन , H-1B समेत तमाम वीजा को किया था सस्पेंड, ये होगी नई पॉलिसी

जो बाइडेन का अमेरिकी राष्ट्रपति बनने से H-1B वीजा धारकों एक राहत मिलने जा रही है। जो बाइडेन H-1B वीजा के साथ ग्रीन कार्ड पर भी अपना फैसला सुनाएंगे।

राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को पलटेगी जो बाइडेन, H-1B समेत तमाम वीजा को किया था सस्पेंड
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राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को पलटेगी जो बाइडेन

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्‍मीदवार डोनाल्‍ड ट्रंप को करारी पटकनी देकर जो बाइडन ने जीत हासिल की है। वह 20 जनवरी, 2021 को शपथ लेंगे। इसके बाद बाइडेन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर अपना कार्यभाल संभालेंगे। साथ ही भारत मूल की कमला हैरिस उपराष्ट्रपति के तौर पर अपना कार्यभाल संभालेगी।

इस चुनावी जीत से पहले ही जो बाइडेन का कहना था कि कोरोना से लेकर तमाम मुद्दों में बदलाव करेंगे। ये सभी बदलाव जनता के हित में होगा। बाइडेन ने कहा कि राष्ट्रपति बनते ही सबसे पहले कोरोना प्लान देंगे। इसी बीच चर्चा में आ रही है कि बाइडेन H-1B वीजा धारकों को एक खुशी की सौगात देने वाली है।

H-1B वीजा में बदलाव से अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को मिलेगा लाभ

ट्रंप के द्वारा H-1B समेत तमाम वीजा पर सस्पेंड लगाने से अमेरिका में रहने वाले भारतीय परिवारों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा था। बाइडेन की योजना के मुताबिक, H-1B वीजा धारक समेत उच्च-कौशल वाले वीजा की संख्या में बढ़ोतरी की जाए।

इससे अमेरिका में रहने वाले भारतीय परिवारों को फिर से लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। बता दें इसी साल जून में डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा समेत अन्य सभी विदेशी वीजा को सस्पेंड कर दिया था। यह प्रतिबंध इस साल के अंत तक के लिए लागू किया गया था।

इमिग्रेशन रिफॉर्म के तहत लिया जाएगा फैसला

बताया जा रहा है कि ये सभी फैसला इमिग्रेशन रिफॉर्म के तहत लिया जाएगा। हालांकि किस योजना पर बाइडेन की पहली मुहर लगेगी, इस पर अभी तय नहीं हुआ है। बाइडन कैम्पेन की पॉलिसी डॉक्युमेंट के अनुसार, उच्च कौशल अस्थायी वीजा को अमेरिका में पहले से रहकर काम कर रहे लोगों से नहीं छीनना चाहिए।

अगर इमिग्रेशन सिस्टम उच्च कौशल वाले वर्कर्स को निकालकर केवल एंट्री-लेवल के कामगारों को बढ़ावा देता है तो इससे अमेरिकी इनोवेशन और प्रतिस्पर्धा को खतरा हो सकता है।

भारत के साथ चीन मूल को भी होगा फायदा

H-1B वीजा एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा है। H-1B वीजा, अमेरिका में उच्च कौशल वाले वर्कर्स की संख्या को बढ़ाने में मदद करता है। इस वीजा की मदद से अमेरिकी कंपनियां विदेशी वर्कर्स को विशेष तरह की तकनीकी काम के लिए नियुक्त करती हैं।

हर साल अमेरिकी कंपनियां भारत और चीन से हजारों की संख्या में लोगों को नौकरी देते हैं। अगर इस वीजा पर लगे प्रतिबंध को वापस ले लिया जाता है तो इससे भारत के साथ चीन मूल को भी फायदा पहुंचेगा।

ग्रीन कार्ड वीजा की संख्या में हो सकती है बढ़ोतरी

ग्रीन कार्ड वीजा एक तरह से रोजगार आधारित वीजा है। इस वीजा से अमेरिका में प्रवासियों को कानूनी रूप से स्थायी नागरिकता मिलती है। वर्तमान में मौजूदा रोजगार आधारित वीजा को प्रति वर्ष 1,40,000 पर कैप किया गया है। बाइडन की पॉलिसी डॉक्युमेंट के अनुसार ​वो कांग्रेस के साथ मिलकर इस संख्या को बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

Priyanka Kumari

Priyanka Kumari

Jr. Sub Editor


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