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International Yoga Day 2019 : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर निबंध और भाषण हिंदी में

International Yoga Day 2019 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की पहल से शुरू हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 (International Yoga Day 2019 Date) में भी हर साल की तरह इस साल भी 21 जून (21 June) को मनाया जायेगा। गूगल ट्रेंड (Google Trend) में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (World Yoga Day 2019) ट्रेंड कर रहा है। लोग गूगल पर योग का महत्व (Yoga Importance), योग के फायदे (Yoga Benefits), अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 की थीम (International Yoga Day 2019 Theme), अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर निबंध (International Yoga Day Essay In Hindi) और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भाषण (International Yoga Day Speech In Hindi) सर्च कर रहे हैं। इस साल यूनाइटेड नेशन (United Nation) ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 की थीम 'क्लाइमेट एक्शन' (International Yoga Day 2019 Theme Climate Action) रखी है। इस अवसर पर हम योग विशेषज्ञ नेहा बजाज द्वारा लिखा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर लेख (International Yoga Day Article) आपके लिए लाये हैं। इस योग दिवस पर लेख को आप अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर निबंध (Antarrashtriye Yog Diwas Par Nibandh) और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भाषण (Antarrashtriye Yog Diwas Par Bhashan) के रूप में प्रयोग कर सकते हैं।

International Yoga Day 2019 : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर निबंध और भाषण हिंदी में

International Yoga Day 2019 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की पहल से शुरू हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 (International Yoga Day 2019 Date) में भी हर साल की तरह इस साल भी 21 जून (21 June) को मनाया जायेगा। गूगल ट्रेंड (Google Trend) में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (World Yoga Day 2019) ट्रेंड कर रहा है। लोग गूगल पर योग का महत्व (Yoga Importance), योग के फायदे (Yoga Benefits), अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 की थीम (International Yoga Day 2019 Theme), अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर निबंध (International Yoga Day Essay In Hindi) और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भाषण (International Yoga Day Speech In Hindi) सर्च कर रहे हैं। इस साल यूनाइटेड नेशन (United Nation) ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 की थीम 'क्लाइमेट एक्शन' (International Yoga Day 2019 Theme Climate Action) रखी है। इस अवसर पर हम योग विशेषज्ञ नेहा बजाज द्वारा लिखा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर लेख (International Yoga Day Article) आपके लिए लाये हैं। इस योग दिवस पर लेख को आप अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर निबंध (Antarrashtriye Yog Diwas Par Nibandh) और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भाषण (Antarrashtriye Yog Diwas Par Bhashan) के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। दुनिया भर के स्वास्थ्यविज्ञानी और डॉक्टर्स, योग के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव को स्वीकारते हैं। प्राचीन भारतीय जीवनपद्धति का अभिन्न अंग रहा योग, न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी हमें स्वस्थ बनाने में बहुत कारगर है। यही नहीं योगमय जीवन हमें आनंद की अनुभूति भी प्रदान करता है।


योग का महत्व (Yoga Importance)

योग का महत्व को आज भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व में स्वीकार किया जा रहा है। पारंपरिक-गहन परिभाषा में आत्मा और परमात्मा के मिलन को योग कहते हैं। लेकिन सरल शब्दों में कहें तो योग एक ऐसा विज्ञान है, जो हमारे मन, शरीर और आत्मा में संतुलन स्थापित करता है। यह हमारी प्राण शक्ति को मजबूत बनाता है। जब हम नियमित योगाभ्यास यानी ध्यान और आसन करते हैं तो शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं और इस तरह रोग के कारण को ही हम नष्ट कर देते हैं। योग के नियमित अभ्यास से मानसिक संतुलन बेहतर होता है, मन शांत होता है और हम ऊर्जावान बनते हैं। महिलाओं के लिए योग विशेष रूप से लाभदायक होता है। वे योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाकर शारीरिक, मानसिक रूप से सदैव स्वस्थ रह सकती हैं, साथ ही अपने जीवन को आनंदमय भी बना सकती हैं।


योग से संभव है क्लाइमेट एक्शन

इस साल यूनाइटेड नेशन ने योग दिवस की थीम 'क्लाइमेट एक्शन' रखी है। यूएन के अनुसार योग को अपनाकर हम स्वयं में सकारात्मक परिवर्तन लाकर प्रकृति से जुड़ सकते हैं, ऐसा बिल्कुल संभव है। हम सभी मनुष्य प्रकृति का ही अंश हैं तो इसे लेकर संवेदनशील होना हमारे लिए आवश्यक है। लेकिन भौतिकवादी और तकनीकआश्रित जीवनशैली की वजह से हम असंवेदनशील हुए हैं, इस कारण प्रकृति से विमुख हो गए हैं।

लेकिन योग हमें संवेदनशील बनाने में सहायक है, जब ऐसा होता है तो हम अपने आस-पास के वातावरण को लेकर सचेत होते हैं, उसको बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं। जब महिलाएं योग को अपनाती हैं तो वे ज्यादा गहरे तक प्रकृति से जुड़ पाती हैं। दरअसल, वे स्वभाव से ही संवेदनशील होती हैं और योग उनकी इस संवेदनशीलता को और बढ़ाता है। इसके प्रभाववश वे प्रयास करती हैं कि अपने आस-पास के वातावरण को साफ रखें, हरा-भरा रखें और बेहतर बनाएं। ऐसा होने पर ही क्लाइमेट एक्शन का मोटिव पूरा हो सकता है।


शारीरिक स्वास्थ्य के लिए

महिलाओं की शारीरिक संरचना ऐसी होती है कि उसमें निश्चित समय अंतराल के बाद बदलाव होते रहते हैं। मासिक चक्र (पीरियड्स) का शुरू होना, गर्भावस्था और रजोनिवृति (मेनोपॉज) के कारण महिलाओं के शरीर में तरह-तरह के बदलाव होते हैं, इस दौरान अपना ध्यान न रखने पर वे कई तरह की बीमारियों का शिकार हो सकती हैं। इसके साथ ही अपने स्वास्थ्य को लेकर अधिकतर महिलाएं सचेत नहीं रहती हैं, अकसर अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करती हैं, आगे चलकर यही लापरवाही कई बीमारियों का कारण बन जाती है।

महिलाओं को नहीं भूलना चाहिए कि वे घर-परिवार की धुरी हैं, जब वे स्वस्थ रहेंगी, तभी परिवार के सदस्यों का भी ध्यान रख पाएंगी। लेकिन ज्यादातर महिलाएं को लगता है कि उनके पास योगाभ्यास के लिए पर्याप्त समय नहीं है। जबकि सुबह केवल 20-30 मिनट ही अगर योगाभ्यास को दें तो भी स्वस्थ रह सकती हैं। आप अनुलोम-विलोम प्राणायाम, ताड़ासन, त्रिकोणासन, अर्धचक्रासन, सेतुबंधासन और मार्जिरासन का अभ्यास करके भी अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से बची रह सकती हैं।


मानसिक स्वास्थ्य के लिए

अधिकतर महिलाएं अलग-अलग कारणों से किसी न किसी तरह के तनाव से भी घिरी रहती हैं। कई बार अवसाद का भी शिकार हो जाती हैं। आपको इस तरह की समस्या न हो, इसके लिए मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी सचेत रहना जरूरी है। केवल 10-15 मिनट सुबह के समय ध्यान यानी मेडिटेशन करने से आप सभी तरह के तनाव से मुक्त हो सकती हैं।

ध्यान करने के अलावा भी आप एक सरल क्रिया के जरिए तनावमुक्त हो सकती हैं। रात के समय सोने से पहले थोड़ी देर शांत होकर दिन भर की नकारात्मक बातों पर याद करें और उन्हें मन से मिटा दें। किसी ने अगर आपको आहत किया है तो उसे माफ कर दें। साथ ही सकारात्मक बातों को अपने मन में संजो लें। ऐसा करने से आप तनावमुक्त हो जाएंगी, जिससे आपका मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहेगा।


मिलता है आंतरिक आनंद

मनुष्य जीवन का उद्देश्य ही है, आनंद में रहना, खुश रहना। ऐसा योग के जरिए संभव है, इसके जरिए आंतरिक आनंद और शांति को प्राप्त कर सकते हैं। जब आप नियमित योग करती हैं यानी प्राणायाम, आसनों का नियमित अभ्यास करती हैं तो इसका मन पर भी सकारात्मक प्रभाव होता है। जब मन पर सकारात्मक प्रभाव होता है तो आंतरिक रूप से आनंद का अनुभव होता है। ऐसा होने पर आस-पास की नकारात्मक बातें प्रभावित नहीं करती हैं।

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