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एच-1बी वीजा में होगा बदलाव, अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में बिल पेश

संसद में शनिवार को एच-1 बी वीजा नीति में बदलाव को लेकर एक बिल पेश किया गया है।

एच-1बी वीजा में होगा बदलाव, अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में बिल पेश

संसद में शनिवार को एच-1 बी वीजा नीति में बदलाव को लेकर एक बिल पेश किया गया है। एच-1 बी वीजा गैर-प्रवासी वीजा है। जो अमेरिकी कंपनियों के द्वारा दूसरे देश के टेक्निकल एक्सपोर्ट को नियुक्त करने के लिए दिया जाता है।।ऐसे में भारत से भी लाखों लोग इस वीजा के तहत अमेरिका में काम करते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जो बिल अमेरिकी संसद में पेश किया गया है। उसका असल मकसद अमेरिकी कर्मचारियों की सुरक्षा और उनकी सैलरी को बेहतर सुनिश्चित करना है। इस वीजा के तहत अमेरिकी कंपनियों में काम करने वाले भारतीय टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट ज्यादा है। ऐसे में अमेरिकी सांसदों ने अमेरिकी कर्मचारियों की सुरक्षा और उनकी सैलरी को बेहतर करने के लिए पेश किया है।

अगर अमेरिकी संसद के द्वारा इस बिल को पास कर दिया जाता है। तो यह पहली बार होगा कि अमेरिकी सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज आ प्राथमिकता का आधार पर दिया जाएगा। बिल पारित होने के बाद अमेरिका में एजुकेशन योग्यता छात्रों को इस वीजा के लिए चुना है।।साथ ही उन छात्रों को भी मौका मिलेगा। जिनके पास एडवांस डिग्री है और जो सैलरी ले रहे हैं।

इसके तहत एच-1बी या एल-1 वीजाधारकों को अमेरिकी कर्मचारियों की जगह लेने से रोकना है। बिल में साफतौर पर कहा गया है कि एच-1बी धारक को नियुक्ति देने पर अमेरिकी वर्कर्स पर इसका उल्टा प्रभाव नहीं पड़ेगा। विशेष रूप से बिल 50 से ज्यादा कर्मचारियों वाली ऐसी कंपनियों को प्रतिबंधित करेगा, जिनमें से कम से कम आधे एच-1बी या एल-1 वीजाधारक हैं। साथ ही वे कंपनियां जो अतिरिक्त एच -1 बी कर्मचारियों को काम पर रखती हैं।अ

मेरिकी कंपनियां इसके तहत दूसरे देशों के टेक्निकल एक्सपर्ट्स को नियुक्त करती हैं। नियुक्ति के बाद सरकार से इन लोगों के लिए एच-1बी वीजा मांगा जाता है। अमेरिका की ज्यादातर आईटी कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से लाखों कर्मचारियों की नियुक्ति इसी वीजा के जरिए करती हैं।

नियम के अनुसार, अगर किसी एच-1बी वीजाधारक की कंपनी ने उसके साथ कांट्रैक्ट खत्म कर लिया है तो वीजा स्टेटस बनाए रखने के लिए उसे 60 दिनों के अंदर नई कंपनी में जॉब तलाशना होगा। यूएससीआईएस के मुताबिक, एच-1बी वीजा के सबसे बड़े लाभार्थी भारतीय ही हैं।

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