Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Ayodhya Verdict : भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ी पाकिस्तानी मीडिया और राजनेताओं की बैचेनी, कही ये बातें

अयोध्या-बाबरी मस्जिद विवाद (Ayodhya Babri Mosque Dispute) के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के बाद पाकिस्तान राजनेताओं और मीडिया (Pakistani Media And Politicians) फैसले की योग्यता और समय पर सवाल उठाए हैं।

राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट ने सर्व सम्मति से हिंदुओं के पक्ष में दिया फैसला, राम जन्मभूमि ट्रस्ट को जमीन देने का आदेशसुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवादित जमीन राम मंदिर न्यास को सौंपने का दिया आदेश

देश की सर्वोच्च अदालत ने विवादित अयोध्या-बाबरी मस्जिद के विवाद को आखिरकार सुलझा दिया है। इस फैसले की देश के भीतर हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोग जहां स्वागत कर रहे हैं। वहीं पाकिस्तानी मीडिया और वहां के राजनेता इस फैसले से बैचेन हो गए हैं। पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र डॉन एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसका शीर्षक दिया है- 'न्याय का आघात: पाकिस्तानी राजनेता, सभ्य समाज अयोध्या के फैसले पर प्रतिक्रिया दी।

अखबार ने लिखा कि करतारपुर कॉरिडोर के खुलने से घंटों पहले फैसला सुनाया गया था, जो (करतारपुर कॉरिडोर) भारतीय सिखों को सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की तीर्थ यात्रा के लिए वीजा के बिना पाकिस्तान पहुंचने की अनुमति देता है।

डॉन ने आगे लिखा है कि इस फैसले से भारत के मुस्लिम और हिंदू समुदायों के बीच पहले से चल रहे रिश्तों पर असर पड़ने की संभावना है, इससे पाकिस्तान में राजनेताओं और पत्रकारों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिन्होंने फैसले की योग्यता और समय पर सवाल भी उठाए।

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने अपने ट्वीट में लिखा कि बाबरी मस्जिद के भूमि विवाद मामले में भारतीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय न्याय का आघात है। यह इस बात का एक और संकेत है कि कैसे भगवा विचारधारा भारतीय समाज को खा रही है और संपूर्ण धर्मनिरपेक्षता की परियोजना ईंट से टकरा रही है। भारतीय मुसलमानों को दीवार के विरुद्ध धकेला जा रहा है।



पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने एक ट्वीट में इस फैसले को 'शर्मनाक, घृणित, अवैध और अनैतिक' करार दिया। पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने एक ट्वीट में इस फैसले को 'शर्मनाक, घृणित, अवैध और अनैतिक' करार दिया।



इमरान सरकार के मंत्री असद उमर ने कहा कि चरमपंथी विचार अब भारत के राज्य संस्थानों में व्यापक हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि चरमपंथी के रूप में ज़ेनोफ़ोबिक विचार भारतीय राज्य और समाज पर नियंत्रण रखता है, परमाणु भारत वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है।



पाकिस्तान में विपक्षी पार्टी जेयूआई-एफ के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने एक बयान में कहा कि हम भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की निंदा करते हैं। यह संकीर्णता को दर्शाता है। भारत अपने अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में विफल रहा है।

अखबार के मुताबिक पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि क्या इसके लिए कुछ दिनों का इंतजार नहीं किया जा सकता था। मेरा मानना है कि खुशी के अवसर पर अत्यधित असंवेदनशीलता दिखाई गई है और मैं बहुत दुखी हूं।

पाकिस्तान के पीपीपी पार्टी के सांसद शेरी रहमान ने कहा कि जब पाकिस्तान भारतीय सिखों के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोल रहा है और बारत की सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ फैसला सुनाया है।

पाकिस्तान सरकार में सांसद रहमान मलिक ने पाकिस्तान टुडे से बातचीत में कहा कि पीएम मोदी और आरएसएस ने एक बार फिर मुस्लिम-विरोधी भावनाओं और सिख विरोधी भावनाओं का प्रदर्शन करते हुए 'करतारपुर सिख पवित्र गलियारा' (आज) के उद्घाटन के दिन बाबरी मस्जिद को मंदिर में बदलने का निर्णय लिया है। यह पीएम मोदी की ओर से शांति विरोधी संदेश है।




Next Story
Share it
Top