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Asteroid Date and Time: सावधान! 44 साल बाद कल धरती के पास से गुजरेगा एस्टेरॉयड, बना हुआ चिंता का माहौल

2008 GO20 नाम का एक क्षुद्रग्रह (Asteroid) धरती के पास से होकर गुजरेगा। ये पिंड 8 किलोमीटर प्रति सकेंड की रफ्तार से बढ़ रहा है

Asteroid Date and Time: सावधान! 44 साल बाद कल धरती के पास से गुजरेगा एस्टेरॉयड, बना हुआ चिंता का माहौल
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हमारी दुनिया से बाहर अंतरिक्ष में 24 जुलाई को एक बड़ी घटना घटने जा रही है। 2008 GO20 नाम का एक क्षुद्रग्रह (Asteroid) धरती के पास से होकर गुजरेगा। इस एस्टेरॉयड की रफ्तार बुलेट ट्रेन और प्लेन, रॉकेट से भी तेज है और मन से बहुत कम।

2008 GO20 नाम का ये पिंड 8 किलोमीटर प्रति सकेंड की रफ्तार से बढ़ रहा है, जो एक घंटे में कम से कम 18 हजार किलोमीटर की दूरी को तय कर लेता है। जो हमारी धरती से कम से कम 40 लाख किलोमीटर दूर होगा। इस पिंड की लंबाई और चौड़ाई भी काफी है। चौड़ाई 97 मीटर और लंबाई 230 मीटर बताई जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक, इस एक एस्टेरॉयड में 4 फुटबॉल के मैदान बनाए जा सकते हैं।

एक्सपर्ट ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं

इस एस्टेरॉयड को लेकर एक्सपर्ट ने साफ कहा है कि किसी को भी इससे घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि ये धरती ने टकराने की स्थिति में नहीं दिख रहा है। अगर ये धरती के करीब भी आता है तो इसे परमाणु बम के जरिए खत्म कर दिया जाएगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 1935 में धरती और एस्टेरॉयड की दूरी 19 लाख थी। फिर 1977 में 29 लाख किलोमीटर और अब 45 लाख किलोमीटर दूर से होकर गुजरेगा।


लेकिन फिर भी धरती पर इसको लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। लेकिन हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। कई क्षुद्रग्रह धरती की कक्षा में आने से पहले ही खत्म हो जाते हैं। ये एस्टेरॉयड भारतीय समयानुसार रात के 11 बजकर 21 मिनट पर धरती के करीब से होकर गुजरेगा। इसके बाद 25 जुलाई 2034 को एक बार फिर एस्टेरॉयड धरती के पास से होकर गुजरेगा।

क्या होते हैं उल्का पिंड

आकाश में कभी-कभी एक ओर से दूसरी ओर अत्यंत वेग से जाते हुए अथवा पृथ्वी पर गिरते हुए जो पिंड दिखाई देते हैं उन्हें उल्का (meteor) और साधारण बोलचाल में 'टूटते हुए तारे' अथवा 'लूका' कहते हैं। उल्काओं का जो अंश वायुमंडल में जलने से बचकर पृथ्वी तक पहुँचता है उसे उल्कापिंड (meteorite) कहते हैं।

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