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हावाई जहाज में लगे इस लाल डब्बे को ''ब्लैक बॉक्स'' क्यों कहा जाता है, जानें सबकुछ

इंडोनेशियाई विमान के क्रैश होने से सोमवार को 188 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। बृहस्पतिवार को समुद्र में हवाई जहाज का ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट रिकार्डर) बरामद किया गया। ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद कहा जा रहा है कि हवाई जहाज क्रैश कैसे हुआ इस बात की जानकारी इस से मिल जाएगी।

हावाई जहाज में लगे इस लाल डब्बे को ब्लैक बॉक्स क्यों कहा जाता है, जानें सबकुछ
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इंडोनेशियाई विमान के क्रैश होने से सोमवार को 188 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। बृहस्पतिवार को समुद्र में हवाई जहाज का ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट रिकार्डर) बरामद किया गया।
ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद कहा जा रहा है कि हवाई जहाज क्रैश कैसे हुआ इस बात की जानकारी इस से मिल जाएगी। लेकिन ब्लैक बॉक्स क्या है जिससे दुर्घटना के कारण का पता चल जाएगा।

क्या है ब्लैक बॉक्स?

ब्लैक बॉक्स या फ्लाइट रिकार्डर किसी भी वायुयान की उड़ान के दौरान सभी तरह की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने वाला उपकरण है। विमान के पिछले हिस्से में ब्लैक बॉक्स स्थित होता है।
ब्लैक बॉक्स टाइटेनियम का बना होता है जो की काफी मजबूत धातु मानी जाती है। ब्लैक बॉक्स टाइटेनियम के ही एक डिब्बे में बंद होता है। इसी कारण अगर ब्लैक बॉक्स काफी ऊंचाई से गिरता है या पानी में गिरता है तो उसे कम नुकसान होता है।


ब्लैक बॉक्स का आविष्कार

साल 1953-54 में हवाई हादसों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए विमान बनाने वाली कंपनियों ने विमान में एक ऐसे उपकरण लगाने की बात की जो हादसों के सही कारण को बता सके।
ताकि भविष्य में हादसों से सीख कर बचा जा सके। इसकी खातिर ब्लैक बॉक्स का आविष्कार किया गया। ब्लैक बॉक का रंग लाल होता है इस लिए शुरुआत में इसे 'रेड एग' कहते थे। लेकिन ब्लैक बॉक्स की भीतरी दीवार को काला रखा जाता था शायद इसी लिए इसका नाम ब्लैक बॉक्स पड़ गया।

‘ब्लैक बॉक्स’ का डिजाइन

1. फ्लाइट डाटा रिकर्डर- इसमें विमान की दिशा, ऊँचाई (altitude) , ईंधन कितना है, गति, हलचल, केबिन का तापमान इत्यादि सहित 88 प्रकार के आंकड़े रिकॉर्ड होते हैं।
यह 25 घंटों से अधिक की रिकार्डेड जानकारी एकत्रित रखता है। ब्लैक बॉक्स 11000°C के तापमान को एक घंटे तक झेल सकता है और 260°C के तापमान को 10 घंटे तक सहन कर सकता है।
2. कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर- ब्लैक बॉक्स में लगा यह रिकार्डर फ्लाइट की उड़ान के 2 घंटे के समय की आवाज रिकार्ड करता है। यह इंजन की आवाज, आपातकालीन अलार्म की आवाज, केबिन की आवाज और कॉकपिट की आवाज और फ्लाइट कंट्रोल के बीच की बातचीत रिकार्ड करता है। ताकि पता चल सके हादसे के पहले विमान का माहौल कैसा था।

कैसे खोजते हैं ब्लैक बॉक्स

ब्लैक बॉक्स 30 दिनो तक बिना विद्युत के काम कर सकता है। जब यह विमान से अलग होता है तो प्रत्येक सेकंड एक बीप की आवाज/तरंग निकालता है। यह तरंग 30 दिनों तक निकलती है। जिसे खोजी दल 2 से 3 किलोमीटर की परिधि में खोज लेते हैं। 15000 फीट गहरे समुंदर में से भी यह तरंगें भेजता रहता है।

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