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इस सॉफ्टवेयर की वजह से कंफर्म नहीं होता तत्काल रेल टिकट, CBI ने किया भंडाफोड़

कुछ लोग एक नकली सॉफ्टवेयर बनाकर तत्काल टिकट बुकिंग सिस्टम में छेड़छाड़ करते है जिससे आपका टिकट कंफर्म नहीं हो पाता। सीबीआई ने ऐसे ही एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

इस सॉफ्टवेयर की वजह से कंफर्म नहीं होता तत्काल रेल टिकट, CBI ने किया भंडाफोड़

हम अक्सर रेल का तत्काल टिकट बुक करते हैं, लेकिन कभी टिकट कंफर्म नहीं मिलता। क्या आपको पता है कि आपका तत्काल टिकट क्यों कंफर्म नहीं होता? नहीं, तो हम बताते हैं। दरअसल, कुछ लोग एक नकली सॉफ्टवेयर बनाकर तत्काल टिकट बुकिंग सिस्टम में छेड़छाड़ करते हैं जिससे आपका टिकट कंफर्म नहीं हो पाता। सीबीआई ने ऐसे ही एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

सीबीआई के साथ काम कर रहे सहायक प्रोग्रामर अजय गर्ग को तत्काल टिकट बुकिंग सिस्टम में छेड़छाड़ कर रेलवे टिकट बुक करने के लिए अवैध सॉफ्टवेयर बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस सॉफ्टवेयर का नाम नियो है।

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इस सॉफ्टवेयर से एक बार में 800 से 1,000 तत्काल टिकट बुक की जा सकती हैं। दिल्ली में सीबीआई ने अपने कर्मचारी 35 वर्षीय अजय गर्ग को पकड़ा जो अनिल कुमार गुप्ता नाम के शख्स की मदद से एक साल से इस रैकेट को चला रहा था।

गर्ग को पांच दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया है। सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा कि गुप्ता को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले स्थित उसके घर से मंगलवार को गिरफ्तार किया गया और उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया।

14 जगहों पर छापेमारी

इस ऑपरेशन के दौरान सीबीआई ने दिल्ली, मुंबई और जौनपुर में 14 स्थानों पर छापेमारी की। जहां से 89.42 लाख रुपये की नकदी, 61.29 लाख रुपये के सोने के गहने जिसमें एक किलो की दो सोने की छड़ें, 15 लैपटॉप, 15 हार्ड डिस्क, 52 मोबाइल फोन, 24 सिम कार्ड, 10 नोटबुक, छह राउटर, चार डोंगल और 19 पेन ड्राइव के साथ-साथ अभियुक्तों के परिसर और अन्य लोगों के परिसर से कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।

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