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शानदार पहल : ट्रेनों में मिलेगा मिट्टी के बर्तन में खाना

मिट्टी के बर्तन में खाने का जायका विशुद्ध देशी हो जाता है। भारतीय रेलवे अब यात्रियों को ऐसे ही जायके का अनुभव कराने की तैयारी कर रहा है। स्टेशन पर प्टेलफॉर्म और ट्रेनों में चाय तथा खाना अब मिट्टी के बर्तनों में मिलेगा।

शानदार पहल : ट्रेनों में मिलेगा मिट्टी के बर्तन में खाना
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मिट्टी के बर्तन (Pottery) में खाने का जायका विशुद्ध देशी हो जाता है। भारतीय रेलवे (Indian Railway) अब यात्रियों को ऐसे ही जायके का अनुभव कराने की तैयारी कर रहा है। स्टेशन पर प्टेलफॉर्म और ट्रेनों में चाय तथा खाना अब मिट्टी के बर्तनों में मिलेगा।
रेल मंत्रालय (Ministry of Railway) के आदेश पर गोरखपुर, लखनऊ, आगरा और वाराणसी समेत पूर्वोत्तर रेलवे के सभी प्रमुख स्टेशनों पर मार्च से यात्रियों को मिट्टी के बर्तनों में खाने का सामान परोसने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए रेलवे प्रशासन मिट्टी के बर्तन खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से लेगा।
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि स्टेशनों व ट्रेनों में मिट्टी के बर्तनों के इस्तेमाल का उद्देश्य स्टेशनों को प्लास्टिक मुक्त बनाना है। आजकल प्लास्टिक पैकेट बंद खाने व फूड्स पैकेट, रैपर, प्लास्टिक टी कप आदि का उपयोग स्टेशनों व ट्रेनों में बढ़ता जा रहा है। इसे रोकने में यह योजना मददगार साबित होगी

कुल्हड़ में चाय की योजना फेल

रेलवे बोर्ड पायलट परियोजना के तौर पर इस योजना की शुरुआत करने जा रहा है। पायलट योजना के तहत देशभर के सभी ए और बी श्रेणी के 400 रेलवे स्टेशनों पर यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इससे पहले भी रेलवे स्टेशनों पर कुल्हड़ में चाय देने की व्यवस्था शुरू कराई गई थी। कुल्हड़ का चलन शुरू हुआ, लेकिन प्लास्टिक के कप और प्लेट में गुम होकर रह गया।

मिलेंगे रोजगार के अवसर

मिट्टी के बर्तनों में खाना परोसने की शुरुआत होने से मिट्टी के बर्तन बनाने वालों को रोजगार का अवसर मिलेगा। मिट्टी के बर्तनों का उत्पादन व उपयोग बढ़ने से स्टेशनों पर प्लास्टिक के बर्तनों के इस्तेमाल रोकने में आसानी होगी। इससे ट्रेन व प्लेटफार्म सभी जगह स्वच्छता होगी। साथ ही पर्यावरण को बचाने में एक नया प्रयास होगा।

अब ईको फ्रेंडली प्लेट में मिलेगा खाना

आईआरसीटीसी के अधिकारियों के मुताबिक ईको फ्रेंडली प्लेट में खाना परोसने का काम शुरू हो गया है। रोजाना करीब 20 लाख एल्यूमिनियम कैसरोल की जरूरत पड़ती है, इसलिए सभी ट्रेनों में ईको फ्रेंडली प्लेटों में खाना परोसने में समय लगेगा। फिलहाल, राजधानी-शताब्दी समेत अन्य ट्रेनों में ईको फ्रेंडली प्लेटों में खाना दिया जाएगा।

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