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पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सरकार ने किया ''भद्दा मजाक'', 1 पैसा सस्ता किया पेट्रोल-डीजल

इंडियन ऑइल कोर्पोरेशन ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सूचना जारी की है। इस सूचना में बताया गया है कि दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 60 पैसे और मुंबई में 59 पैसे कम नहीं हुई है, बल्कि एक पैसे कम हुई है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सरकार ने किया भद्दा मजाक, 1 पैसा सस्ता किया पेट्रोल-डीजल
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इंडियन ऑइल कोर्पोरेशन ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सूचना जारी की है। इस सूचना में बताया गया है कि दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 60 पैसे और मुंबई में 59 पैसे कम नहीं हुई है, बल्कि एक पैसे कम हुई है।

वहीं, डीजल की कीमतों में एक पैसे की कमी हुई है, न कि दिल्ली में 56 पैसे और मुंबई में 59 पैसे। दरअसल, आज सुबह से लोगों के बीच ऐसी खबरें फैल रही थी की दिल्ली और मुंबई में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 56 पैसे से लेकर 60 पैसे तक की कमी आई है।
16 पैसों के उछाल के बाद मंगलवार को कीमत 78.89 रुपए हो गई। डीजल की कीमत 74.82 रुपए तक पहुंच गई। माना जा रहा है, एक दो दिनों में पेट्रोल 79 रुपए लीटर तक हो सकता है। दूसरी ओर पेट्रोलियम उत्पादों में वृद्धि का असर तेजी से बाजार पर भी नजर आने लगा है।
भाड़ा बढ़ने से सब्जी और राशन की चिल्हर कीमत में लगातार उछाल की स्थिति है। एक महीने में राशन की चिल्हर कीमत में 20 से 40 रुपए क्विंटल तक असर पड़ा है। दूसरे राज्यों से आने वाले फल और सब्जियां भी 10 से 30 रुपए तक महंगी हुई हैं।
पेट्रोल की कीमत में उछाल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते चार दिनों में ही इसकी कीमत 10 से 16 पैसों की वृद्धि के साथ 59 पैसे बढ़ी है। डीजल भी 60 पैसे महंगा हो गया है। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि से बाजार में छाई महंगाई ने ग्राहकी पर भी खासा असर डाला है।
कई ट्रेड में महंगाई और मंदी ने कारोबार को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। दूसरी ओर उत्पादों की लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोग भी खासे परेशान हैं। पेट्रोल पंपों के साथ ही अब बाजार में भी लोगों का गुस्सा हर दिन फूट रहा है। खासतौर पर सब्जी और घरेलू उपयोग के सामान की बढ़ती कीमतों ने घर के बजट पर भी असर डाला है।

10 दिन में 2.15 रुपए बढ़ी कीमत

पेट्रोल की कीमत बेहद खामोशी के साथ बीते दस दिनों में 2.15 रुपए तक बढ़ चुकी है। 20 मई को इसकी कीमत 76.65 रुपए थी। 29 मई को कीमत 78.80 रुपए तक पहुंच गई। इसी तरह डीजल की कीमत में भी 1.86 रुपए की वृद्धि हुई है। डीजल की कीमत में भी बीते चार दिनों में 10 से 17 पैसों की वृद्धि हुई है। दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत लगातार कम हो रही है। इसके बावजूद भारी भरकम टैक्स से महंगाई बढ़ती ही रही है।

भाड़े से महंगा हुआ घर का सपना

महंगे पेट्रोल और डीजल का असर घर के सपने पर भी पड़ा है। भाड़े में वृद्धि की वजह से बिल्डिंग मटेरियल भी महंगे होने लगे हैं। मालवाहकों के भाड़े में पिछले एक महीने में तेजी से वृद्धि हुई है। इस वजह से रेत, गिट्टी, सीमेंट और दूसरे सामान भी महंगे होते चले जा रहे हैं।.
बिल्डिंग मटेरियल सप्लायरों के अनुसार बीते एक महीने में भाड़े की वजह से सामानों की कीमत में प्रति ट्रक 300 से 800 रुपए तक अंतर आया है। छोटी गाड़ियों में कीमत और भी अधिक है।

पेट्रोल पर सियासी बवाल भी

पेट्रोलियम उत्पादों में लगातार वृद्धि ने सियासी उबाल भी तेज कर दिया है। कांग्रेस ने इस लगातार मूल्यवृद्धि को सरकार प्रायोजित करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता धनंजय सिंह ने कहा, 15 दिनों से पेट्रोल एवं डीजल के मूल्यों में 3.24 रुपए बढ़ोत्तरी कर दी गई।
जबकि विश्व बाजार में क्रूड आयल की कीमत में प्रति लीटर 3.48 रुपए की कमी आई। इसके बावजूद उसका लाभ जनता को देने के बजाए मोदी सरकार अपना और उद्योगपतियों का खजाना भरने में लगी है। कीमत वृद्धि के लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार है।

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