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जंगी युद्धपोत निर्माण को लेकर जीएसएल के साथ हुआ समझौता

नौसेना (Indian Navy) की सामरिक ताकत में इजाफा करने के लिए रक्षा मंत्रालय (Defence Ministry) ने बुधवार को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के साथ दो एडवांस जंगी युद्धपोतों के निर्माण को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके हिसाब से दोनों की बल को आपूर्ति क्रमश: जून और दिसंबर 2026 तक किए जाने का निर्णय लिया गया है।

जंगी युद्धपोत निर्माण को लेकर जीएसएल के साथ हुआ समझौता
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नौसेना (Indian Navy) की सामरिक ताकत में इजाफा करने के लिए रक्षा मंत्रालय (Defence Ministry) ने बुधवार को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के साथ दो एडवांस जंगी युद्धपोतों के निर्माण को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके हिसाब से दोनों की बल को आपूर्ति क्रमश: जून और दिसंबर 2026 तक किए जाने का निर्णय लिया गया है।
यहां नौसेना मुख्यालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक रूस के साथ करीब चार साल पहले 2016 में अतिरिक्त प्रोजेक्ट-1135.6 को लेकर एक अंतर-सरकारी समझौते (आईजीए) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके हिसाब से ही दो युद्धपोतों के निर्माण का उक्त समझौता किया गया है, जिसमें जीएसएल को रूस मदद प्रदान करेगा।
इनकी खास बात यह होगी कि इन्हे आधुनिक सेंसर्स से लेकर ब्रह्मोस मिसाइलों और कॉम्बेट मैनेजमेंट सिस्टम से लैस किया जाएगा। इनके नौसना में शामिल होने क बाद वह एक सशक्त टास्क फोर्स की तर्ज पर भारत के समुद्री तटों के अलावा दूर समुद्र में भी आसानी से निगरानी रख सकेगी।
इसके अलावा इन जंगी युद्धपोतों का अनोखा ढांचा, एडवांस स्टेल्थ तकनीक, समुद्र में दुश्मन के रडार से बचने की महारत, कम इलेक्ट्रोमैगनेटिक तरंगों से संचालन और समुद्र के अंदर होने वाली किसी भी हलचल को तुरंत पकड़ने की क्षमता इन्हे कई गुना विध्वंसक बनाती है। इनके जीवनकाल को ध्यान में रखते हुए नौसेना ने बल के कर्मियों को ट्रेनिंग देने और युद्धपोतों के मरम्मत कार्य के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया है।

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