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पाक को ऐसे दिया जा सकता है करारा जवाब

एक्सपर्ट्स ने कहा, ''सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान को सबक सिखाने का एक तरीका था। लेकिन हर बार इसे नहीं अपनाया जा सकता है।''

पाक को ऐसे दिया जा सकता है करारा जवाब
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जम्मू-कश्मीर में भारत-पाक नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब कृष्णाघाटी सेक्टर में पाक सेना द्वारा दो भारतीय जवानों के शवों को क्षत-विक्षत किए जाने की घटना के बाद रक्षा मामलों के विशेषज्ञों में खासा आक्रोश है। उनका कहना है कि भारत को पाकिस्तान की इस कायराना हकरत का उसी के अंदाज में करारा जवाब देना चाहिए। जिससे उसे ऐसा सबक मिले कि भविष्य में वो ऐसा कुछ भी दोबारा करने की हिमाकत न करे।

कड़ा जवाब व अन्य मोर्चों पर हो नाकेबंदी

जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक तैनाती का अनुभव रखने वाले सेना के वरिष्ठ सेवानिवृत अधिकारी मेजर जनरल अफसर करीम ने हरिभूमि से बातचीत में कहा कि इस तरह की हरकत पाकिस्तानी सेना भारत और उसकी सेना का अपमान करने के लिए करती है। ऐसे में उसी के शब्दों में एलओसी पर ऐसी जगहों को चुना जाए, जहां वो कमजोर स्थिति में है और वहां उस पर कड़ा प्रहार किया जाए।

जिससे उसे सबक भी मिले और वो दोबारा ऐसा करने की सोच भी न सके। यह तरीका पाकिस्तान को सबक सिखाने का एक पक्ष हो सकता है। लेकिन इसके अलावा उस पर आर्थिक प्रतिबंद भी लगाए जा सकते हैं, जिससे न केवल व्यापारिक मोर्च पर उसका नुकसान हो। बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था की कमर भी टूट जाए।

तय समय, स्थान पर हो प्रतिवाद

थलसेना में उपप्रमुख के पद से सेवानिवृत हुए वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल राज कादयान ने कहा कि कृष्णा-घाटी की घटना भारत के लिए किसी भी सूरत में बर्दाश्त के बाहर है। यह एक प्रकार से न केवल एलओसी पर संघर्षविराम समझौते का उल्लंधन है। बल्कि यह भारत की प्रादेशिकता पर सीधा-सीधा हमला है।

इसका जवाब सेना और एलओसी में तैनात उसके स्थानीय कमांडरों को अपने तय समय और स्थान पर देना चाहिए। यह एक प्रकार से भारत पर दवाब डालने की भी कोशिश है। लेकिन बातचीत तभी संभव होगी। जब उसके लिए नियत माहौल मौजूद हो। ऐसी परिस्थितियों में बातचीत नहीं हो सकती है।

सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान को सबक सिखाने का एक तरीका था। लेकिन हर बार इसे नहीं अपनाया जा सकता है। सेना के पास ऐसे तरीके भी हैं, जिनमें दूर बैठकर भी दुश्मन को आसानी से सबक सिखाया जा सकता है। पाक सेनाप्रमुख जनरल बाजवा द्वारा हाजीपीर दर्रे पर एलओसी का दौरा कर कश्मीर का राग अलापने से भारत को तात्कालिक आधार पर कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन सतर्कता बरतने में कोई नुकसान नहीं है।

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