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भारतीय सेना हर चुनौती का सामना करने को तैयार: अरुण जेटली

आपको बता दें कि बीते 2 महीनों से भारत और चीन कि सेना डोकलाम में आमने सामने है।

भारतीय सेना हर चुनौती का सामना करने को तैयार: अरुण जेटली

भारत और चीन के बीच चल रहे डोकलाम विवाद में चीन के धमकी के बाद अरुण जेटली ने चीन को करारा जवाब दिया। जेटली ने यह बयान महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं सालगिरह पर राज्यसभा में दिया है।

आपको बता दें कि बीते 2 महीनों से भारत और चीन कि सेना डोकलाम में आमने सामने है। चीन ने भारत को धमकी देते हुए कहा कि भारत अपने सेना को डोकलाम से वापस बुलाये लेकिन भारत ने इस बात से साफ इंकार कर दिया।

राज्यसभा में अरुण जेटली ने चीन को दी सख्त चेतावनी:-

"बीते दशकों के दौरान भारत ने कई चुनौतियों का सामना किया और हम गर्व के साथ ये कह सकते हैं कि हर चैलेंज के साथ हम और ज्यादा मजबूत होते गए। भारत ने 1962 में चीन के साथ जंग से सबक सीखा। हमने सीखा कि सेनाओं को इतना मजबूत होना चाहिए कि वो हर चुनौती का सामना कर सकतें। हम आज भी अपने पड़ोसियों से चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।'

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"1962 की तुलना में 1965 और 1971 की जंग में सेनाएं मजबूत हुई हैं। 1962 में इंडिया को चीन की ओर से थोपी गई जंग का सामना करना पड़ा और कुछ नुकसान उठाए। 1965 और 1971 में पाकिस्तान के साथ जंग में भारत की जीत हुई।"

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"मैं इस बात को मानता हूं कि आज भी कुछ चुनौतियां हैं। कुछ लोग हमारे देश की स्वतंत्रता और एकता को चुनौती दे रहे हैं। लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि चाहे हमें पूर्वी बॉर्डर से चुनौती मिले या फिर पश्चिमी बॉर्डर से, हमारे वीर जवानों के पास देश को सुरक्षित रखने की क्षमता है। सेनाएं देश की रक्षा के लिए किसी भी तरह का बलिदान दे सकती हैं।"

"आजादी के तुरंत बाद हमने कुछ मुसीबतों का सामना किया। हमारे पड़ोसी की नजर कश्मीर पर थी। आज भी हम ये नहीं भूल सकते हैं कि देश का एक हिस्सा हमसे अलग हो गया था। ये हर भारतीय की ख्वाहिश है कि किस तरह से इस हिस्से को वापस हासिल किया जाए।"

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