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कश्मीर में सेना को कमतर आंकना पाकिस्तान को पड़ा भारी, एक्सपर्ट्स ने दी पाक को चेतावनी

भारतीय सेना ने आज जम्मू-कश्मीर में एलओसी लांघकर चार पाकिस्तानी सैनकों को मौत के घाट उतार दिया इस पर सेना से सेवानिवृत अधिकारी मेजर जनरल एन.सी.बधानी ने कहा कि जब-जब पाकिस्तान हमें उकसाने की कोशिश करेगा तब-तब उसे उसी की भाषा में करारा जवाब दिया जाएगा।

कश्मीर में सेना को कमतर आंकना पाकिस्तान को पड़ा भारी, एक्सपर्ट्स ने दी पाक को चेतावनी

सेना द्वारा जम्मू-कश्मीर में सोमवार की रात नियंत्रण रेखा (एलओसी) लांघकर की गई कार्रवाई पाकिस्तान के उस दुस्साहस का जवाब है, जिसमें वह भारतीय फौज को काफी हल्के में ले रहा था।

अगर भविष्य में भी उसके रूख में कोई बदलाव नहीं हुआ तो पाकिस्तान को उसके काफी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। यह जानकारी सेना के एलओसी पार कर किए गए ऑपरेशन के बाद हरिभूमि से बातचीत में रक्षा विशेषज्ञों ने दी।

जवानों की शहादत पर चुप नहीं बैठेंगे

सेना से सेवानिवृत अधिकारी मेजर जनरल एन.सी.बधानी ने कहा कि भारत जम्मू-कश्मीर में हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है। लेकिन जब-जब पाकिस्तान हमें उकसाने की कोशिश करेगा। तब-तब उसे उसी की भाषा में करारा जवाब दिया जाएगा।

बीते शनिवार को पाक की बॉर्डर एक्शन टीम (बेट) ने राजौरी सेक्टर के केरी में नियंत्रण रेखा पार कर सेना के एक मेजर समेत तीन जवानों को मार गिराया था। यह कार्रवाई उसी के जवाब में की गई है, जिसमें सेना के घातक कमांड़ो की टुकड़ी ने एलओसी लांघकर करीब 500 मीटर के दायरे में इस अभियान को अंजाम दिया है।

भारत कश्मीर में हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है। लेकिन पाक द्वारा एलओसी पर की जा रही क्रूरतम गतिविधियों के जवाब में भारत भी चुप नहीं बैठेगा। दुश्मन को उसी की भाषा में माकूल जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसे सर्जिकल स्ट्राइक का नाम नहीं दिया जा सकता है। क्योंकि यह स्थानीय स्तर पर सेना द्वारा किया गया एक छोटा सामरिक ऑपरेशन था। जिसकी अनुमति उक्त स्थान पर तैनात सेना की टुकड़ी के कमांडर द्वारा दी जाती है।

जबकि सर्जिकल स्ट्राइक जैसे बड़े अभियानों के लिए लंबी तैयारी करनी पड़ती है। इसके अलावा उसके लिए देश के राजनीतिक नेतृत्व से भी सेना को अनुमति लेनी पड़ती है।

इस अभियान में ऐसा कुछ नहीं था। लेकिन इस तरह की कार्रवाई से कश्मीर में सेना का मनोबल बढ़ेगा और उसे सीधा संदेश जाएगा कि भारतीय सेना कमजोर स्थिति में नहीं है।

जारी रहेगी कार्रवाई

सेना से सेवानिवृत अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल राज कादयान ने कहा कि इस तरह की और कार्रवाईयां भविष्य में भी नियंत्रण रेखा पर देखने को मिल सकती हैं। यह क्रिया की प्रतिक्रिया है।

मुझे नहीं लगता कि इससे पाकिस्तान के रूख में कोई खास बदलाव होगा। क्योंकि आज तक उसने कश्मीर को लेकर वास्तविक स्थिति को स्वीकार नहीं किया है। सेना द्वारा की गई कार्रवाई पाक को उसके ही शब्दों में दिया गया जवाब है।

सैन्य अभियानों को मिलेगी धार

सेना से सेवानिवृत अधिकारी मेजर जनरल अफसर करीम ने कहा कि सेना के इस कदम से न सिर्फ जम्मू-कश्मीर में तैनात फौज का मनोबल बढ़ेगा। बल्कि उसके आगामी सैन्य अभियानों को नई धार मिलेगी।

पहले ही सेना राज्य में आतंकवाद के खात्मे को लेकर व्यापक अभियान चलाए हुए है और अब इस कार्रवाई से घुसपैठ के जरिए आने वाले आतंकियों के हौसले पस्त होंगे। यह सर्जिकल स्ट्राइक नहीं बल्कि छोटे स्तर पर किया गया सैन्य अभियान है। नियंत्रण रेखा पर इस तरह की कार्रवाईयां अक्सर होती रहती हैं।

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