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31 दिसंबर को रिटायर होंगे जनरल दलबीर सुहाग, ये बन सकते हैं नए सेनाप्रमुख

जनरल सुहाग की नियुक्ति पुराने प्रमुख की सेवानिवृति से 10 दिन पहले ही हो गई थी।

31 दिसंबर को रिटायर होंगे जनरल दलबीर सुहाग, ये बन सकते हैं नए सेनाप्रमुख
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नई दिल्ली. सेनाप्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग 31 दिसंबर को सेवानिवृत हो रहे हैं। इसके बाद सेना की कमान जिस अधिकारी को सौंपी जा सकती है। उसमें यहां साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय के गलियारों में सेना के पूर्वी कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बक्शी के नाम पर प्रमुखता से कयास लगाए जा रहे हैं। रक्षा सूत्रों का कहना है कि सेना के नए प्रमुख की ताजपोशी से पहले पूर्वी कमांड का जिक्र करना इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है। क्योंकि थलसेना को पिछले तीन प्रमुख कोलकात्ता के फोर्ट विलियम स्थित इसी पूर्वी कमांड से ही मिले हैं। इनमें वर्तमान सेनाप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह सुहाग, सेना में पूर्व प्रमुख रहे लेफ्टिनेंट जनरल बिक्रम सिंह और मौजूदा विदेश राज्य मंत्री और पूर्व सेनाप्रमुख रहे लेफ्टिनेंट जनरल वी.के.सिंह शामिल हैं। इसके बाद अब पूर्वी कमांड से जिस प्रमुख अधिकारी का नाम नए सेनाप्रमुख के तौर पर जोर-शोर से लिया जा रहा है। उसमें लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बक्शी मुख्य रूप से शामिल हैं।
अब तक नहीं हुआ ऐलान
रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर हरिभूमि को बताया कि इस बार नए सेनाप्रमुख के नाम का ऐलान किए जाने को लेकर मंत्रालय की ओर से कुछ अधिक समय लग रहा है। जबकि सामान्य प्रक्रिया के तहत पुराने सेनाप्रमुख की सेवानिवृति से लगभग 60 दिन यानि दो महीने पहले नए सेनाप्रमुख के नाम का ऐलान कर दिया जाता है। लेकिन इस बार सेनाप्रमुख जनरल सुहाग को सेवानिवृत होने में करीब 17 दिनों का समय ही शेष है और अभी भी नए सेनाप्रमुख के नाम की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि मंत्रालय में नए सेनाप्रमुख की नियुक्ति की फाइल करीब दो महीने से इधर से उधर घूम रही है। गौरतलब है कि मौजूदा सेनाप्रमुख जनरल सुहाग की नियुक्ति भी पुराने प्रमुख की सेवानिवृति से करीब 10 दिन पहले ही की गई थी। लेकिन उस समय लोकसभा चुनाव हो रहे थे और पुरानी सरकार की विदाई व नई सरकार की ताजपोशी का दौर चल रहा था। सेना में कर्नल, मेजर जनरल और बिग्रेडियर जैसे पदों पर भी नियुक्ति के लिए एक महीने का समय दिया जाता है। कभी कभार इमरजेंसी में 10 दिनों का समय भी दिया जाता है।
चीन सीमा पर तैनाती का अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल बक्शी एक आर्मर्ड कॉर्प्स के अधिकारी हैं और उन्होंने सेना की नौवीं कोर को भी कमांड किया है। यह कोर पंजाब और जम्मू-कश्मीर के मैदानी इलाकों में दुश्मन से सुरक्षा के लिए तैनात की गई है। सेना की पूर्वी कमांड का प्रमुख होने के नाते बक्शी देश की पूर्वी और उत्तर-पूर्वी सीमा पर तैनात फौज के अगुवा के तौर पर काम कर रहे हैं। सेना की पूर्वी और उत्तर-पूर्वी सीमा पर तीन कोर तैनात है। यह कोर परंपरागत और आतंकवाद रोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाती है। इसके अलावा सेना इस क्षेत्र में कई नई इकाईयों की भी तैनाती करने जा रही है, जिससे चीन से लगने वाली इस सीमा पर भारत को मजबूती मिल सके।
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