Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

गजब! सेनाओं ने समंदर के अंदर किया योग

आईएनएस जलस्वा पर नौसैनिकों ने समुद्र के बीचों-बीच योग की अनोखी झलक दुनिया के सामने प्रस्तुत की।

गजब! सेनाओं ने समंदर के अंदर किया योग
X

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2017 के मौके पर सशस्त्र सेनाओं में दुनिया के सबसे ऊंचे रण कहे जाने वाले सियाचिन ग्लेशियर से लेकर दूर समंदर तक योग का जलवा देखने को मिला। इसमें थलसेना, वायुसेना, नौसेना और तटरक्षकबल के प्रमुखों, अधिकारियों और जवानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सेनाओं में योग को लेकर दिखे इस क्रेज से एक बात साफ हो गई है कि हमारे यह रणबांकुरे जितना देश की सीमाओं की रक्षा करने के लिए सदैव तत्पर-तैयार रहते हैं। उतना ही अपने स्वास्थ्य को लेकर भी जागरूक हैं।

सभी कमांड हुई शामिल

रक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक योग करने के लिए सेनाओं की लगभग सभी कमांड शामिल हुई। इसमें सेना ने कश्मीर से कन्याकुमारी और पूर्वोत्तर से कच्छ तक योगआसन व मुद्राएं की। वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बी़ एस़ धनोआ ने राजधानी दिल्ली में बल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ योग किया। इसके अलावा वायुसेना की तमाम कमांड पर जवानों, अधिकारियों ने योग में हिस्सा लिया।

विक्रमादित्य से पनडुब्बी के अंदर योग

नौसेना और तटरक्षकबल ने भी योग दिवस में भागीदारी की। नौसेना में देश के स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत आईएनएस विक्रमादित्य से लेकर समुद्र में पानी के अंदर भी नौसैनिकों ने योग करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इसमें आईएनएस सिंधुघोष, सिंधुध्वज व सिंधुकीर्ति जैसी पनडुब्बियों पर समुद्र के अंदर नौसैनिकों ने योग किया।

इसके अलावा बल के जंगी युद्धपोतों में आईएनएस शिवालिक व रंजीत के अलावा जल-थल की लड़ाई का योद्धा कहा जाने वाला आईएनएस जलस्वा पर भी नौसैनिकों ने समुद्र के बीचों-बीच योग की अनोखी झलक दुनिया के सामने प्रस्तुत की।

इसे भही पढ़ें- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: रामदेव ने तोड़ा पीएम मोदी का रिकॉर्ड

सुरक्षा कारणों की वजह से पनडुब्बियों के तैनाती स्थल के बारे में नौसेना ने कोई जानकारी नहीं दी है। लेकिन पनडुब्बी के अंदर योग करते हुए नौसैनिकों की तस्वीरें साझा की गई हैं। तटरक्षकबल के अधिकारियों व जवानों ने भी योग दिवस के आयोजन में बढ़-चढ़कर भागीदारी की है।

इसमें बल के अलग-अलग कमांड के अलावा दूर समुद्र में तटरक्षकबल के ऑफशोर पेट्रोल वेसल (ओपीवी) आईसीजे सारथी मुख्य रूप से शामिल है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्हीं की पहल का नतीजा है कि योग की स्वीकारोक्ति संयुक्त राष्ट्र संघ के अलावा दुनियाभर के तमाम देशों ने की है।

सेनाओं की प्राचीन परंपरा में उत्तम स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन माना जाता है। इसका पालन करने के लिए रोजाना सुबह पीटी और अन्य शारिरिक क्रियाएं जवानों को करवायी जाती हैं। सियाचिन के ऊंचे रण में जहां साधारण मनुष्य पहुंचने की कल्पना भी नहीं कर सकता है। वहां तैनात सेना के जवान व अधिकारी शरीर में चुस्ती व स्फूर्ति बनाए रखने के लिए दिन में व्यायाम व खेलकूद करते रहते हैं।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story