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World Students Day 2020: कब और कैसे हुई थी विश्व छात्र दिवस की शुरुआत

World Students Day 2020: डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी जीवन काल में शिक्षा की जरूरतों को करीब से महसूस किया था। उनका मानना था कि सपने देखो और उन्हें पूरा करना के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दो। क्योंकि सफलता पाने के लिए सूरज की तरह जलना भी जरूरी होता है।

World Students Day 2020: कब और कैसे हुई थी विश्व छात्र दिवस की शुरुआत
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World Students Day 2020: कब और कैसे हुई थी विश्व छात्र दिवस की शुरुआत

World Students Day 2020: विश्व छात्र दिवस की शुरूआत 15 अक्टूबर 2010 को हुई थी। संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के जन्मदिन के मौके पर मनाने की घोषणा की थी। बता दें कि उस वक्त तक पूरी दुनिया को पता लग गया था कि डॉ एपीजे अब्दुल कलाम एक महान वैज्ञानिक के अलावा एक बेहतरीन शिक्षक भी हैं। बच्चों को पढ़ाना उनके फेवरेट कामों में से एक था। ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदानों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने ये फैसला लिया था।

World Students Day Quotes 2020: एपीजे अब्दुल कलाम (APJ Abdul Kalam) के Quotes से मिलती है प्रेरणा

1. इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे।

2. शिक्षण एक बहुत ही महान पेशा है जो किसी व्यक्ति के चरित्र, क्षमता, और भविष्य को आकार देता हैं। अगर लोग मुझे एक अच्छे शिक्षक के रूप में याद रखते हैं, तो मेरे लिए ये सबसे बड़ा सम्मान होगा।

3. अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो पहले सूरज की तरह जलो।

4. सपने वो नहीं है जो आप नींद में देखे, सपने वो है जो आपको नींद ही नहीं आने दे।

6. हमें हार नहीं माननी चाहिए और हमें समस्याओं को खुद को हराने नहीं देना चाहिए।

7. अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा।

8. इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये ज़रूरी हैं।

9. छोटा लक्ष्य अपराध हैं; महान लक्ष्य होना चाहिये।

10. तब तक लड़ना मत छोड़ो जब तक अपनी तय की हुई जगह पर ना पहुँच जाओ- यही, अद्वितीय हो तुम। ज़िन्दगी में एक लक्ष्य रखो, लगातार ज्ञान प्राप्त करो, कड़ी मेहनत करो, और महान जीवन को प्राप्त करने के लिए दृढ रहो।

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी जीवन काल में शिक्षा की जरूरतों को करीब से महसूस किया था। उनका मानना था कि सपने देखो और उन्हें पूरा करना के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दो। क्योंकि सफलता पाने के लिए सूरज की तरह जलना भी जरूरी होता है।

उन्होंने अपना पूरा जीवन देश के नाम कर दिया। इतना ही नहीं, आईआईएम में पढ़ाते वक्त ही एपीजे अब्दुल कलाम की मौत हो गई थी। इससे साफ पता लगता है कि उन्हें जो चीज सबसे ज्यादा पसंद थी, उन्होंनें मरने से भी पहले उसी चीज का आनंद उठाया।

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