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World Refugee Day 2019 : जानें विश्व शरणार्थी दिवस कब है और क्यों मनाया जाता है...

रिफ्यूजी, शरणार्थी और मुजाहिर ये नाम उन लोगों के लिए बना है जिनका न अपना घर होता है न अपना देश, इन्हें मजबूरन सबकुछ छोड़कर दूसरे के रहमो-करम पर जीना पड़ता है। ये ऐसे अभागे लोग होते हैं जिन्हें कोई भी देश पूरे मन से स्वीकार नहीं करता है, उन पर शरणार्थी का ठप्पा लगा होता है।

World Refugee Day 2019 : जानें विश्व शरणार्थी दिवस कब है और क्यों मनाया जाता है...
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World Refugee Day 2019 : विश्व शरणार्थी दिवस 2019 में 20 जून को मनाया जाएगा। रिफ्यूजी, शरणार्थी और मुजाहिर ये नाम उन लोगों के लिए बना है जिनका न अपना घर होता है न अपना देश, इन्हें मजबूरन सबकुछ छोड़कर दूसरे के रहमो-करम पर जीना पड़ता है। ये ऐसे अभागे लोग होते हैं जिन्हें कोई भी देश पूरे मन से स्वीकार नहीं करता है, उन पर शरणार्थी का ठप्पा लगा होता है। आपने जेपी दत्ता की फिल्म रिफ्यूजी जरूर देखा होगा और महसूस किया होगा कि एक रिफ्यूजी का जीवन कितना कठीन होता है। ये तो बात फिल्म में है लेकिन असल जिन्दगी में इनकी दास्तान उससे कहीं ज्यादा कठीन है।

कौन होते हैं शरणार्थी

रिफ्यूजी, शरणार्थी और मुजाहिर उन्हें कहा जाता है जो किसी युद्ध, उत्पीड़न, आतंकवाद या किसी आपदा में अपना सबकुछ छोड़कर किसी दूसरे देश में जाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। ये वही लोग होते हैं जो पूरी दुनिया के सामने अपने लिए एक आसरा मांगने के लिए मजबूर होते हैं लेकिन कई देश इस मामले में अपना हाथ वापस खिंच लेते हैं। शरणार्थी जब सबकुछ खोकर अपने पूरे परिवार के साथ विदा होते हैं तो उन्हें फिर से कहीं घर बसाने का सपना होता है लेकिन वो सपना एक कैंप में तब्दिल हो जाता है।

क्यों मनाया जाता है रिफ्यूजी डे

पहली बार साल 2001 में 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस मनाया गया तब से अब तक लगातार मनाया जा रहा है। इन अभागे लोगों के साहस, संकल्प व हौसले का सम्मान करने के लिए पूरा विश्व इस दिन को विश्व शरणार्थी दिवस के तौर पर मनाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि आज भी लाखों करोड़ों लोग बेघर हैं जो किसी दूसरे के शरण में रहने को मजबूर हैं। ये हमसे सवाल करते हैं कि कब हमारे हालात सुधरेंगे, कब हम अपने घर लौटेंगे?

जब पूरी दुनिया को एक तस्वीर ने झकझोर दिया था

वो दर्दनाक मंजर साल 2015 के दिसंबर माह की है जब समुद्र किनारे एक मृत सीरियन बच्चे की तस्वीर आयलान कुर्दी ने पूरी दुनिया के सामने पेश किया था। इस तस्वीर में बेहद मासूम मृत बच्चा समुद्र के किनारे मृत पड़ा था। जिसकी तस्वीर ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। हमें सोचने पर मजबूर कर दिया था कि इन लोगों को शरण कौन देगा? क्या ऐसे मासूमों की जिंदगीयां ऐसे ही जाती रहेंगी।

Photo By : Nilufer Demir/DHA/Reuters


शरणार्थियों के अधिकार

  • बिना वजह शरणार्थियों को बाहर नहीं किया जा सकता।
  • अवैध रूप से देश में आए शरणार्थियों को कोई सजा नहीं दी जाएगी।
  • रोजगार का अधिकार
  • अपना घर बनाने का अधिकार
  • शिक्षा का अधिकार
  • सामाजिक सहायता का अधिकार
  • धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
  • कानून का अधिकार
  • अपनी आजादी मांगने का अधिकार
  • सरकारी पहचान पत्र, कहीं भी यात्रा करने का अधिकार

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