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World Oceans Day 2019 : विश्व महासागर दिवस 2019 में कब है, जानें कैसे हुई इसकी शुरुआत

हर साल 8 जून को विश्व महासागर दिवस (World Oceans Day) मनाया जाता है। दुनिया की करीब 30 प्रतिशत आबादी समुद्र के किनारे रहती है। पिछले कुछ सालों से महासागरों को जमकर प्रदूषित किया गया। करोड़ो टन प्रदूषित समाग्रियां समुद्र में जाकर जीवों को नुकसान कर रही हैं।

World Oceans Day 2019 : विश्व महासागर दिवस 2019 में कब है, जानें कैसे हुई इसकी शुरुआत
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World Oceans Day :- जल, जंगल और जमीन इंसानी जीवन के वो महत्वपूर्ण हिस्से हैं जिसके बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। हम ये बात जानते हैं कि इनकी साफ सफाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है पर जब भी फायदा दिखा हम इसे इग्नोर करके आगे बढ़ गए। आज (8 जून) विश्व महासागर दिवस (World Oceans Day) है। सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण होने के कारण महासागर हमारे लिए बेहद उपयोगी है।

पहला विश्व महासागर दिवस 8 जून 2009 को मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी। यह दिवस सन 1992 में रियो डी जनेरियो में हुए 'पृथ्वी ग्रह' नामक फोरम में प्रतिवर्ष विश्व महासागर दिवस मनाने के फैसले के बाद और वर्ष 2008 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस संबंध में आधि‍कारिक मान्यता दी गई। इसके बाद हर वर्ष 8 जून की पहचान विश्व महासागर दिवस के रूप में होने लगी।

इसे मनाने के पीछे संयुक्त राष्ट्र का तर्क है कि महासागर के महत्व और उससे संबंधित खाद्य सुरक्षा जैव विविधता, परिस्थिति का संतुलन आदि की ओर राजनीतिक व सामाजिक ध्यान आकर्षित किया जा सके। संयुक्त राष्ट्र के तत्वाधान में निश्चित किए गए टिकाऊ विकास के लक्ष्यों में महासागरों के संरक्षण एवं उनके टिकाऊ उपयोग को भी शामिल किया गया है। जिसपर हमेशा चर्चा होती है।

दुनिया की 30 प्रतिशत आबादी तटीय इलाकों में रहती है। उनके जीवन जीने का प्रमुख सहारा समुद्र ही है। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महासागरो का विशेष योगदान है। महासागरों से ही पेट्रौलियम सहित अनेक महात्वपूर्ण संसाधन निकाले जा रहे हैं। साथ ही जलवायु परिवर्तन सहित अनेक मौसमी बदलाव के लिए समुद्रों का अध्ययन भी महत्वपूर्ण है।

महासागरों में तटीय इलाकों में वनस्पतियों से भरे वन समुद्री जीवों के लिए किसी नर्सरी से कम नहीं हैं। जितने जीव धरती के ऊपर हैं उतने ही समुंद्र में भी हैं। एक अनुमान के मुताबिक 10 लाख प्रजातियां समुंद्र में शरण ली हैं जिनमें विशालकाय व्हेल हैं तो सबसे सूक्ष्म जीव भी हैं। पृथ्वी के विशाल क्षेत्र पर फैले जल के भंडार में छोटे नाजुक परितंत्र भी पनाह लेते हैं जो उन स्थानों पर विभिन्न प्रकार के जीव-जन्तु व वनस्पतियों के रूप में पनपते हैं।

इंसानों ने अपने फायदे के खातिर कई चीजों को नजरअंदाज करके महासागरों को भी प्रदूषित करना शुरू कर दिया है। अरबों टन प्लास्टिक का कचरा हर साल महासागर में जमा हो जा रहा है। ये कचरा आसानी से गलता नहीं इसलिए ये बेहद खतरनाक है। भारत से सटे हिन्द महासागर में भारतीय उपमहाद्वीप से हर वर्ष करोड़ो टन कचरा पहुंच रहा हैं। इन कचड़ो की वजह से समुद्री जीवों के जीवन पर गहरा संकट मडरा रहा है।

समुंद्र में जाते विशैले रसायनों के कारण पिछले कुछ सालों से बढ़ती वनस्पति को रोक दिया है। पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने के लिए सन्तुलन बनाए रखना जरूरी है। समय रहते हमें सचेत होने की जरूरत है। अगर हम इसी रफ्तार से समुद्र को गंदा करते रहे तो वो दिन दूर नहीं जब हमारा अस्तित्व खतरे में हो जाएगा।

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