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योगी आदित्यनाथ ने शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों पर की टिप्पणी, जानें महिलाओं का जवाब

  • सीएम योगी आदित्यनाथ ने शाहीन बाग के प्रदर्शन को लेकर लखनऊ की एक सभा में कहा था कि शाहीन बाग में पुरुषों ने घर की महिलाओं को आगे कर दिया है और ये महिलाएं इतनी ठंड में भी बच्चों को लेकर धरने पर बैठीं हैं। जबकि उनके पति आराम से घर में रजाई के अंदर सो रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने शाहीन बाग की प्रदर्शनकारियों पर की टिप्पणी, जानें क्या आया महिलाओं का जवाब
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सीएम योगी आदित्यनाथ

नागरिकता कानून के खिलाफ शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर जब योगी आदित्यनाथ ने टिप्पणी की तो महिलाओं ने जवाब में कहा कि अगर सीएम को ही नागरिकता कानून समझ में आ गया है तो फिर वह ही हमें क्यों नहीं आकर समझा देते हैं।

हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ ने शाहीन बाग के प्रदर्शन को लेकर लखनऊ की एक सभा में कहा था कि शाहीन बाग में पुरुषों ने घर की महिलाओं को आगे कर दिया है और ये महिलाएं इतनी ठंड में भी बच्चों को लेकर धरने पर बैठीं हैं। जबकि उनके पति आराम से घर में रजाई के अंदर सो रहे हैं। उन्होंने

आगे कहा कि मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि जो महिलाएं सीएए के खिलाफ जोर-शोर से प्रदर्शन कर रही हैं उन्हें कानून के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है।

उन्होनें कहा कि प्रदर्शन के नाम पर हिंसा को बिल्कुल बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा। और अब तो इन लोगों में इतनी भी हिम्मत नहीं बची है कि यह लोग आंदोलन करें क्योंकि इन्हें पता लग गया है कि अगर यह तोड़फोड़ करेंगे, हिंसा करेंगे तो इनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। इन्होनें अपने घर की महिलाओं और बच्चों को चौराहे पर बिठाना शुरू कर दिया है।

उन्होंने कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दलों पर यह आरोप लगाया कि इन्हें बस राजनीति करना आता है। ये विरोध के लिए नये-नये तरीके ढूंढ़ के लाते हैं। विरोध के नाम पर अब महिलाओं-बच्चों को भी ये चौराहे पर लाने में संकोच नहीं कर रहे। उन्होंने आगे कहा कि आप जाके उनसे पूछें कि धरने पर क्यों बैठे हैं तो जवाब मिलेगा कि घर के पुरुष कहते हैं कि हम कुछ करने के लिए अब योग्य नहीं रहे। इसलिये अब तुम धरने पर जाकर बैठ जाओ। इनके लिए

देश कोई मायने नहीं रखता

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं फिर इस मंच से कहूंगा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढ़ंग से धरने पर बैठना सब का अधिकार है। लेकिन अगर कोई देश की सार्वजनिक संपत्ति को जलायेगा, तोड़फोड़ करेगा, हिंसा करेगा तो बदले में हम उनकी संपत्ति से ये नुकसान पूरा करेंगे और आगे के लिए हम उनको वह सजा देंगे कि आने वाली पीढ़ी याद रखेगी कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कीमत क्या होती है। इतना ही नहीं, कुछ करने से पहले इसके बारे में उनको 10 बार सोचना पड़ेगा।

उन्होंने आगे कहा कि भारत की धरती पर और खास करके उत्तर प्रदेश की धरती पर अगर कश्मीर जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, अगर इस प्रकार के नारे लगाए जाते हैं जो देशद्रोह की श्रेणी में आते हैं। फिर इस पर सरकार कठोर कार्रवाई करेगी। यह स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि भारत की धरती पर रह कर भारत के खिलाफ नारे लगाने की छूट दी जाए।

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