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विंग कमांडर अभिनंदन और वायुसेना प्रमुख ने एक साथ उड़ाया मिग-21 लड़ाकू विमान

बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने के 6 महीने के बाद विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान ने सोमवार को मिग-21 विमान में उड़ान भरी। इसमें वायुसेनाप्रमुख एयरचीफ मार्शल बी़ एस़ धनोआ विमान को उड़ा रहे थे

विंग कमांडर अभिनंदन और वायुसेना प्रमुख ने एक साथ उड़ाया मिग-21 लड़ाकू विमान
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Wing Commander Abhinandan and Air Force chief flew together MiG-21 fighter aircraft

बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने के 6 महीने के बाद विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान ने सोमवार को मिग-21 विमान में उड़ान भरी। इसमें वायुसेनाप्रमुख एयरचीफ मार्शल बी़ एस़ धनोआ विमान को उड़ा रहे थे। वायुसेना प्रवक्ता ग्रुप कैप्टन अनुपम बैनर्जी ने बताया कि करीब आधे धंटे में पूरी हुई इस उड़ान की शुरुआत पठानकोट एयरबेस से सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर हुई। जिसमें दोनों ने मिग-21 के ट्रेनर वर्जन टाइप-69 में उड़ान भरी।

बतौर वायुसेनाप्रमुख संभवत: यह एयरचीफ मार्शल धनोआ की आखिरी उड़ान थी। जिसमें वह खुद मिग-21 उड़ा रहे थे और उनके पीछे की सीट पर विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान बैठे हुए थे। पहले यह कार्यक्रम 3 सितंबर को पठानकोट में 8 अपाचे हेलिकॉप्टरों को वायुसेना में शामिल किए जाने के कार्यक्रम के साथ किया जाना था। लेकिन अंतिम वक्त में हुई तब्दीली की वजह से इसे 2 सितंबर को करने का फैसला लिया गया।

गौरतलब है कि वायुसेनाप्रमुख आगामी 30 सितंबर को सेवानिवृत हो रहे हैं। अपने तीन दशक से अधिक के कैरियर में भी उन्होंने वायुसेना के कई लड़ाकू विमानों में उड़ान भरी है। इसमें वर्ष 1999 में करगिल युद्ध के दौरान मिग-21 में उड़ान भरी थी। उस वक्त वह वायुसेना के लड़ाकू विमानों की 17वीं स्क्वॉड्रन के कमांडिंग ऑफिसर थे।

पाक को सिखाया सबक

इस उड़ान के बाद वायुसेनाप्रमुख ने कहा कि मिग-21 की आखिरी स्क्वॉड्रन और अभिनंदन के साथ उड़ान भरना एक बेहद खुशनुमा पल है। हम दोनों में एक समानता है कि हम पाकिस्तान के खिलाफ लड़ते हुए ही विमान से कूदे और उसके कुछ महीनों के बाद फिर से फ्लाइंग में वापस लौटे। मैं वर्ष 1988 में विमान से कूदने के 9 महीने बाद उड़ान पर लौटा था। जबकि अभिनंदन 6 महीने बाद लौटा है। मैंने पाक के खिलाफ करगिल की लड़ाई लड़ी थी और अभिनंदन ने बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी विमानों को खदेड़ा।





उन्होंने इतना ही नहीं मैंने अभिनंदन के पिता के साथ भी लड़ाकू विमान में उड़ान भरी है। तब हम मिग-21 की स्क्वॉड्रन में थे। यहां बता दें कि अभिनंदन को स्वतंत्रता दिवस पर युद्धकाल में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने के लिए देश के तीसरे सबसे बड़े सैन्य सम्मान वीर चक्र से सम्मानित किया गया है। बीते 23 अगस्त से उन्होंने वायुसेना के लड़ाकू विमानों में फिर से उड़ान भरने की शुरुआत की है।

अपाचे से बढ़ेगी ताकत

3 सितंबर को वायुसेना के बेड़े में शामिल होने वाले 8 अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टरों से उसकी ताकत में कई गुना का इजाफा होगा। इस कार्यक्रम में वायुसेनाप्रमुख और एयरफोर्स के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। वायुसेना ने वर्ष 2015 में अमेरिका से 22 अपाचे हेलिकॉप्टरों की खरीद को लेकर करीब 4 हजार 168 करोड़ रुपए का समझौता किया था। इसमें यह 8 हेलिकॉप्टरों की पहली खेप है। 2020 तक बाकी 14 भी वायुसेना को मिल जाएंगे।

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