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जब सुषमा स्वराज के पति ने कहा थाः थैंक यू मैडम अब आप चुनाव नहीं लड़ेंगी, मैं अब 19 साल का जवान नहीं..

लोकसभा चुनाव में भाजपा की लगातार दूसरी बार बड़ी जीत के बाद आज (गुरुवार) शपथ ग्रहण समारोह हो रहा है। मोदी सरकार-2 में फिर से कैबिनेट में उनको जगह मिलना तय है। सुषमा स्वराज भारतीय जनता पार्टी की एकमात्र ऐसी नेता हैं जिन्होंने उत्तर और दक्षिण भारत दोनों क्षेत्रों से चुनाव लड़ा है। इसके लिए उन्हें असाधारण सांसद का पुरस्कार मिला है।

जब सुषमा स्वराज के पति ने कहा थाः थैंक यू मैडम अब आप चुनाव नहीं लड़ेंगी, मैं अब 19 साल का जवान नहीं..
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लोकसभा चुनाव में भाजपा की लगातार दूसरी बार बड़ी जीत के बाद आज (गुरुवार) शपथ ग्रहण समारोह हो रहा है। मोदी सरकार-2 में फिर से कैबिनेट में उनको जगह मिलना तय है। सुषमा स्वराज भारतीय जनता पार्टी की एकमात्र ऐसी नेता हैं जिन्होंने उत्तर और दक्षिण भारत दोनों क्षेत्रों से चुनाव लड़ा है। इसके लिए उन्हें असाधारण सांसद का पुरस्कार मिला है।

सुषमा स्वराज छह बार सांसद, तीन बार विधायक और साल 2009-2014 तक राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में भूमिका निभा चुकी हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री, दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं। जुलाई 1977 में उन्हें चौधरी देवीलाल की कैबिनेट में मंत्री बनाया गया था। इसके अलावा आपातकाल के दौर में भी वह सक्रिय रही और प्रचार किया।

सुषमा स्वराज ने जब चुनाव न लड़ने का फैसला किया तो उनके पति और मिजोरम के पूर्व गवर्नर स्वराज कौशल ने अपने ट्विटर हैंडल से लिखा था कि मैडम, आपने ये जो अब कभी चुनाव न लड़ने का फैसला किया है, उसके लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। मुझे याद है कि एक ऐसा भी वक्त आया था, जब खुद मिल्खा सिंह ने दौड़ना छोड़ दिया।

उन्होंने आगे लिखा था कि ये मैराथन आप 1977 से दौड़ रही हैं। मतलब पिछले 41 सालों से। आपने 11 चुनाव लड़े हैं। बल्कि 1977 से अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं, सब लड़े हैं आपने। सिवाय दो के। 1991 और 2004 में, जब पार्टी ने आपको चुनाव नहीं लड़ने दिया था। मैं भी पिछले 47 सालों से आपके पीछे दौड़ रहा हूं। मैं अब 19 साल का जवान नहीं हूं। प्लीज, मेरा भी दम फूल रहा है। थैंक यू।

सुषमा स्‍वराज का जन्म हरियाणा के अम्बाला कैंट में 14 फरवरी, 1953 को हुआ। उनके पिता आरएसएस के प्रमुख सदस्य थे। अम्बाला कैंट के एसएसडी कॉलेज से बीए करने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ से कानून की डिग्री ली। 1973 से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रैक्टिस शुरू कर दी।

सुषमा स्वराज ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एबीवीपी से शुरू की थी। वे छात्र जीवन से ही प्रखर वक्ता हैं। 1977 में उन्हें 25 वर्ष की उम्र में राज्य का कैबिनेट मंत्री बनाया गया और 27 वर्ष की उम्र में वे हरियाणा भाजपा की प्रमुख बना दी गईं थीं।

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