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पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी ने मानी डॉक्टरों की मांग, हड़ताल खत्म

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद बंगाल के डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया।

पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी ने मानी डॉक्टरों की मांग, हड़ताल खत्मmamata banerjee doctors strike

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद बंगाल के डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया। इससे पहले सोमवार को देशभर में डॉक्टरों की हड़ताल से चिकित्सा सेवा प्रभावित हुई। प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक के बाद ममता बनर्जी ने राज्य में सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए नोडल अधिकारियों को नियुक्त करने के पुलिस को निर्देश दिए।

राज्य सचिवालय में आयोजित एक बैठक में चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल ने बनर्जी को मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में उन्हें आ रही समस्याओं से अवगत कराया। बनर्जी ने बैठक में मौजूद पुलिस अधिकारियों को डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए राज्य के अस्पतालों के वास्ते नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने को कहा।

पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य सचिव, एमओएस चंद्रिमा भट्टाचार्य और राज्य के अन्य अधिकारियों के अलावा 31 जूनियर डॉक्टर भी बैठक में मौजूद थे। राज्य सरकार ने बैठक को कवर करने के लिए केवल दो क्षेत्रीय समाचार चैनलों को अनुमति दी। मुख्यमंत्री ने हड़ताली डॉक्टरों से कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है।

जूनियर डॉक्टरों के संयुक्त मंच के प्रतिनिधियों ने 11 जून को एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टरों पर हुए हमले में शामिल लोगों को दंडित किये जाने की भी मांग की। बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्याप्त कदम उठाए हैं और एनआरएस घटना में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

डॉक्टर बोले- लगता है डर

बैठक में ममता बनर्जी ने कहा कि वह हड़ताल खत्म होते ही घायल डॉक्टर से मिलने जाएंगी। वहीं, रेजिडेंट डॉक्टरों ने कहा कि वह ममता बनर्जी के वादों से संतुष्ट हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री के साथ बैठक में जूनियर डॉक्टरों के ज्वाइंट फोरम ने कहा था कि काम करते हुए हमें डर लगता है। फोरम ने कहा था कि एनआरएस के डॉक्टरों से मारपीट करने वालों को ऐसी सजा दी जाए, जो दूसरों के लिए उदाहरण हो।

मीडिया के सामने मुलाकात

पहले डॉक्टरों ने ममता से मुलाकात के लिए मना कर दिया था। डॉक्टरों का कहना था कि बंद कमरे में वे कोई बातचीत नहीं करेंगे। इसके बाद ममता ने हर मेडिकल कॉलेज से 2 डॉक्टरों को मुलाकात के लिए बुलाया और कहा कि यह बातचीत मीडिया के सामने होगी। दो क्षेत्रीय चैनलों ने इस बातचीत को कवर किया।

24 घंटे की हड़ताल

बंगाल में जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट के विरोध में सोमवार को देशभर के डॉक्टर 24 घंटे की हड़ताल पर हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने रविवार को बताया कि आपात सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया। ओपीडी समेत गैर-जरूरी सेवाएं सोमवार सुबह 6 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगी। आईएमए ने कहा हम डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं। आईएमए ने सेंट्रल एक्ट की मांग को फिर दोहराया है।

एम्स शामिल नहीं

एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने कहा है कि देशभर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) आईएमए की हड़ताल में शामिल नहीं होंगे। स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, लेकिन विरोध में मार्च निकालेंगे।

क्या है मामला

10 जून को नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों को गालियां दीं। इस पर डॉक्टरों ने परिजनों के माफी न मांगने तक प्रमाणपत्र नहीं देने की बात कही। इस मामले में फिर हिंसा भड़क गई, कुछ देर बाद हथियारों के साथ भीड़ ने हॉस्टल में हमला कर दिया। इसमें दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हुए जबकि कई और को भी चोटें आईं. इस पूरे मामले पर ममता बनर्जी ने हड़ताल वाले डॉक्टरों की निंदा की तो मामला तूल पकड़ता गया।

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