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Vikas Dubey Encounter: विकास दुबे कांड पर यूपी सरकार को दोबारा जांच समिति गठित करने का आदेश, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज भी होंगे शामिल

विकास दुबे एनकाउंटर केस को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को फिर से जांच आयोग गठित करने का आदेश दिया।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

विकास दुबे एनकाउंटर केस को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को फिर से जांच आयोग गठित करने का आदेश दिया। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जज भी शामिल होंगे। बीते दिनों कानपुर से 22 किलोमीटर दूर मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश विकास दुबे को एनकाउंटर में यूपी पुलिस ने मार गिराया था। जिसकी याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने विकास दुबे एनकाउंटर केस को लेकर सुनवाई की यूपी सरकार को दोबारा। इस मुठभेड़ कांड की जांच कमेटी गठित करने का आदेश दिया है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज भी शामिल करने का आदेश दिया है। जिसको लेकर यूपी सरकार ने आदेश को मानने के लिए कह दिया है।

जानकारी के लिए बता दें कि सरकार की तरफ से एडवोकेट तुषार मेहता ने मुठभेड़ कांड को लेकर जानकारी दी। हालांकि इस पर कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है और इसके लिए अब सरकार को ट्रायल से गुजरना होगा। कोर्ट ने कहा है कि जांच कमेटी में पूर्व कोर्ट जज और एक पुलिस अधिकारी हमारे होंगे।

सुनवाई के दौरान तुषार मेहता ने कहा कि वह पैरोल पर था। हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान जस्टिस बोबडे ने कहा कि विकास दुबे खिलाफ मुकदमे के बारे में पूरी जानकारी दें। तेलंगाना में हुई मुठभेड़ और उत्तर प्रदेश की मुठभेड़ में अंतर है।

लेकिन आप कानून के राज को लेकर जरूर सरकार होंगे। अब इस पूरे मामले की जांच रिटायर्ड जज के द्वारा की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ प्रशांत भूषण ने भी मुठभेड़ कांड को लेकर कई सवाल उठाए हैं। दलीलों पर कोर्ट ने कहा कि आप सिर्फ विकास दुबे मुठभेड़ के बारे में बात करें।

जानकारी के लिए बता दें कि बीती 2 जुलाई को कानपुर देहात के बिकरु गांव में पुलिस और विकास दुबे गैंग के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। जिसके बाद पुलिस ने विकास दुबे गैंग को सिर्फ 8 दिनों के अंदर ही मुठभेड़ में मार गिराया और विकास दुबे को मध्य प्रदेश उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस मध्य प्रदेश से लेकर कानपुर आ रही थी। तभी रास्ते में ही पुलिस और विकास दुबे के बीच मुठभेड़ हुई और वह मारा गया।

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