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Vikas Dubey Arrest: विकास दुबे को इस केस से भी मिल सकती है रिहाई, अभी तक कई बार किया जा चुका है गिरफ्तार

Vikas Dubey Arrest: विकास दुबे को यूपी एसटीएफ के हवाले कर दिया गया है। लेकिन सवाल उठ रहे हें कि क्या इस केस में उसे सजा मिलेगी या हर बार की तरह इस बार भी वो रिहा कर दिया जाएगा?

Vikas Dubey Arrest: विकास दुबे को इस केस से भी मिल सकती है रिहाई, अभी तक कई बार किया जा चुका है गिरफ्तार
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Vikas Dubey Arrest: विकास दुबे को इस केस से भी मिल सकती है रिहाई, अभी तक कई बार किया जा चुका है गिरफ्तार

Vikas Dubey Arrest: कानपुर शूटआउट में आठ पुलिसवालों की हत्या करने वाला विकास दुबे आज उज्जैन में गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक, विकास दुबे को यूपी एसटीएफ के हवाले कर दिया गया है। लेकिन सवाल उठ रहे हें कि क्या इस केस में उसे सजा मिलेगी या हर बार की तरह इस बार भी वो रिहा कर दिया जाएगा?

जानकारों का मानना है कि विकास दुबे ने सोची समझी साजिश के तहत सरेंडर किया है। अगर ऐसा है, तो उसके पास खुद को बचाने का भी प्लान मौजूद होगा। दूसरी तरफ विकास दुबे के एनकाउंटर की मांग भी जोड़ पकड़ती हुई नजर आ रही है। लेकिन विकास दुबे का एनकाउंटर लगभग असंभव दिखाई पड़ रहा है।

किन सूरतों में हो सकता था एनकाउंटर

एनकाउंटर को दो तरीकों से अंजाम दिया जाता है। पहले तरीके में किसी भी अपराधी का एनकाउंटर उस वक्त किया जाता है जब वो भागने की कोशिश करता है। वहीं अगर दूसरे तरीके पर गौर करें तो इस एनकाउंटर को तब मान्य कहा जा सकता है जब सामने से अपराधी भी जवाबी हमला करता है।

विकास दुबे के केस में ऐसा माना जा रहा है कि विकास दुबे ने खुद सरेंडर किया है। ऐसे में एनकाउंटर का दूसरा ऑप्शन तो लागू ही नहीं होता। लेकिन अगर विकास दुबे यूपी पहुंचने से पहले भागने की कोशिश करता है, तब उसका एनकाउंटर किया जा सकता है।

जानकारों का मानना है कि विकास दुबे ने इस सरेंडर को गिरफ्तारी दिखानी की कोशिश की है। ऐसे में अगर उसका एनकाउंटर किया जाता है तो संभावना है कि कम सवाल खड़े किए जाएंगे। क्योंकि फिर यह सिद्ध करना आसान हो जाएगा कि गिरफ्तारी के बाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश की थी।

यूपी पहुंचने के बाद मिल सकती है रिहाई

क्रिमिनल लॉयर उज्जवल निकम ने कहा है कि यूपी पुलिस के लिए विकास दुबे को सजा दिलाना काफी मुश्किल होगा। उन्होंने कहा है कि पुलिस को यह साबित करना होगा कि कानपूर शूटआउट में विकास दुबे ही था जो अपने साथियों को गोली चलाने का आदेश दे रहा था, जो काफी मुश्किल है।

इतना ही नहीं, अगर सब सही जाता है तब भी विकास दुबे को फांसी दिलाने में पुलिस को काफी मेहनत करनी होगी। देश की कानून व्यवस्था के अनुसार, काफी दुर्लभ मामलों में ही फांसी की सजा देना का प्रावधान है। इसलिए मुमकिन है कि ये केस काफी लंबा चलने वाला है।

काफी बार हो चुका है गिरफ्तार

विकास दुबे के खिलाफ 60 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं। इसके अलावा, विकास दुबे को कई बार गिरफ्तार भी किया जा चुका है लेकिन हर बार उसे रिहाई मिल गई है। ऐसा माना जा रहा है कि अगर यह गिरफ्तारी सोची-समझी साजिश है, तो इस मामले में भी विकास दुबे को रिहाई मिल सकती है।

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