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उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू बोले- कृषक समुदाय हमारे देश की रीढ़ है, सीडीएफडी को लेकर कही ये बात

फिंगर प्रिंट के बारे में भी क्योंकि इससे अपराधियों को पहचानने में मदद मिलती है। इसीलिए हम इसे अनोखा संस्थान कहते हैं। शोध और विज्ञान का मकसद लोगों की जिंदगी खुशहाल बनाना है।

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू बोले- कृषक समुदाय हमारे देश की रीढ़ है, सीडीएफडी को लेकर कही ये बात
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उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, फोटो एएनआई

तेलंगाना में आज उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने हैदराबाद के डीएनए फिंगर प्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिकस सेंटर (सीडीएफडी) में 'पीड्रियाट्रिक रेयर जेनेटिक डिजीज लेबोरेटरी' का उद्घाटन किया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस मौके पर कार्यक्रम को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने संबोधिन करते हुए कहा कि शोध के क्षेत्र खासकर दुर्लभ बीमारियों के बारे में आपके काम से मैं प्रभावित हूं।

फिंगर प्रिंट के बारे में भी क्योंकि इससे अपराधियों को पहचानने में मदद मिलती है। इसीलिए हम इसे अनोखा संस्थान कहते हैं। शोध और विज्ञान का मकसद लोगों की जिंदगी खुशहाल बनाना है। कृषि हमारी मूल संस्कृति है, कृषि को कई तरह से संरक्षण, प्रोत्साहन की जरूरत है। कृषक समुदाय हमारे देश की रीढ़ है, आज भी देश की 60 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। कृषि पर ज़्यादा से ज़्यादा रिसर्च होनी चाहिए।

आगे कहा कि अपराध दर में असामान्य वृद्धि दुनिया की प्रमुख समस्या रही है। मुझे खुशी है कि सीडीएफडी आपराधिक मामलों में सही निर्णय के लिए अदालतों, एनआईए, सीबीआई को अत्याधुनिक डीएनए फिंगरप्रिंटिंग सेवा प्रदान कर रहा है और आपदा पीड़ितों के परिवारों को राहत प्रदान कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस से पहले सांसदो को लिखा पत्र

जानकारी के लिए आपको बता दें कि 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस। दिवस से एक दिन पहले उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को अलग-अलग भाषाओं में ये पत्र लिखा है।

वेंकैया नायडू ने स्थानीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने की जरूरतों को लेकर कहा, यह देश के सांस्कृतिक विविधता को बचाने के लिए जरूर है। संस्कृति और भाषा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। एक भाषा को समाप्त करना बेशकीमती विरासत को खोने जैसा है। हम इसे खोने नहीं दे सकते हैं।

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