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उत्तराखंड: केदरानाथ मंदिर के बाहर पुजारियों का धरना प्रदर्शन, राज्य सरकार को दी ये चेतावनी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुजारियों ने मांग की है कि उत्तराखंड सरकार के द्वारा बनाए गए उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को खत्म कर देना चाहिए।

उत्तराखंड: केदरानाथ मंदिर के बाहर पुजारियों का धरना प्रदर्शन, राज्य सरकार को दी ये चेतावनी
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उत्तराखंड (Uttarakhand) में मई के महीने में केदारनाथ के कपाट खुल गए हैं। लेकिन बीते साल की तरह इस साल भी कोरोना वायरस की वजह से केदरानाथ मंदिर (Kedranath temple) में श्रद्धालुओं प्रेवश की अनुमति नहीं दी गई है। लेकिन, केदरानाथ मंदिर के बाहर पुजारी शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। पुजारियों के शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन की तस्वीरें बीते दो दिनों से सोशल मीडिया पर छाई हुईं हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुजारियों ने मांग की है कि उत्तराखंड सरकार के द्वारा बनाए गए उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को खत्म कर देना चाहिए। इसी मांग को लेकर पुजारी (priests) धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि पुजारियों द्वारा दिए जा रहे शांतिपूर्ण धरने का आज तीसरा दिन है। पुजारी धरना प्रदर्शन के साथ अनशन भी कर रहे हैं। केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज का कहना है कि अगर सरकार (Government) द्वारा बनाया गया ये बोर्ड समाप्त नहीं किया गया तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा। देवस्थानम बोर्ड (Devasthanam Board) के विरोध में पुजारियों का कहा है कि इस बोर्ड के बनने से उनके अधिकारों का हनन हो रहा है।

केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज (Kedarnath Teerth Purohit Society) के मुताबिक, उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत (CM Tirath Singh Rawat) ने मुख्यमंत्री बनने के तत्काल बाद बोर्ड पर फिर से विचार करने का भरोसा दिलाया था। उन्होंने कहा कि अब बोर्ड (Board) पर पुनर्विचार करने के बजाय उसका विस्तार किया जा रहा है। जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुजारियों ने दी ये चेतावनी

जानकारी के अनुसार, पुजारियों ने खुली चेतावनी दी है कि जब तक बोर्ड भंग नहीं होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यह आंदोलन (Movement) और तेज होता जाएगा। केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज के सदस्य अंकित सेमवाल (Ankit Semwal) का कहा है कि फिलहाल बोर्ड के द्वारा केवल सांकेतिक उपहास (symbolic ridicule) किया जा रहा है। यदि राज्य सरकार ने जल्द ही कोई फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और तेज कर दिया जाएगा।

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