Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

बिजली चोरी करने वालों की अब खैर नहीं, यूपी में खुला पहला बिजली थाना, पहले ही दिन 8 मामले दर्ज

उत्तर प्रदेश के मथुरा (Mathura) जिले में पहला बिजली थाना (Electricity Station) खोला गया है। इसे कृष्णानगर के बिजली घर परिसर में स्थापित किया गया है। अब विद्युत अधिकारियों को बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे।

यूपी में खुला पहला बिजली थाना, बिजली चोरों की अब खैर नहीं
X
First electricity station opened in UP, no one will be able to steal electricity

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बिजली विभाग की इतनी सख्ती के बाद भी बिजली चोरी की घटनाएं रूक नहीं रहीं हैं। पहले से बिजली की कमी से प्रभावित प्रदेश के लिए बिजली चोरी और बड़ी समस्या बनती जा रही है। लेकिन अब उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी करने वालों की खैर नहीं है। उत्तर प्रदेश के मथुरा (Mathura) जिले में यूपी (UP) का पहला बिजली थाना (Electricity Station) स्थापित किया गया है। पहले ही दिन थाने में आठ नए मामले दर्ज (Case Registered) हुए हैं।

आठ उपभोग्ताओं के विरुद्ध मुकदमे दर्ज

राज्य सरकार एवं विद्युत विभाग लगभग पिछले दो महीने से इस मामले पर चर्चा कर रहा था। लेकिन हर बार किसी परेशानी के कारण इस योजना पर अमल नहीं हो पा रहा था। कभी आवश्यकतानुसार जमीन नहीं मिल पाती थी तो कभी पुलिस बल नहीं उपलब्ध हो पाता था। अब आखिरकार मथुरा में बिजली थाने की शुरूआत हो गई है। थाने में नवादा के अवर अभियंता शैलेंद्र अग्रवाल ने अपने इलाके के आठ उपभोग्ताओं के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कराए।

बिजलीघर परिसर के चार कमरों में स्थापित किया गया

मथुरा के ग्रमीण क्षेत्र के अधीक्षक अभियंता विनोद गंगवार ने इस संबंध में बताया कि कृष्णानगर के बिजलीघर परिसर में गुरुवार को चार कमरों में बिजली थाने को स्थापित किया गया। थाने में पांच उप निरीक्षक, नौ हैड कांस्टेबल, नौ कांस्टेबल, चार मुशी-सह-कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति की गई। अब पूरे जनपद के बिजली चोरी से संबंधित मामले यहीं पर दर्ज होंगे। थाने में तैनात उपनिरीक्षक मामलों की विवेचना करेंगे। अब विद्युत अधिकारियों को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

विभागीय अधिकारियों को केस दर्ज कराने के लिए नहीं लगानी पड़ेगी दौड़

गंगवार ने मीडिया को बताया कि इस प्रकार के विशेष थाने खुलने से विभागीय अधिकारियों के समक्ष उस प्रकार की स्थिति पैदा होने की संभावना कम होगी, जैसी विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान उस समय आई थी, जब पुलिस के जांच अधिकारी ने मामले गलत बता दिए थे। उन्होंने कहा कि जब विशेष थाने का स्टाफ बिजली अधिकारियों के साथ मौजूद रहकर स्वयं तथ्य जुटाएगा तो चूक होने की गुंजाइश नहीं बचेगी।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story