Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Union Budget 2019 : मजदूर, बुजुर्ग और महिलाएं चाहती है मोदी सरकार 2 से ऐसा बजट

लोकसभा चुनाव 2019 में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद भाजपा सरकार 5 जुलाई को अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करेगी। इस बजट से देश के लोगों को काफी उम्मीदे हैं। साथ ही पहली पूर्णकालिक वित्तमंत्री निर्माला सीतारमण के लिए भी यह किसी चुनौती से कम नहीं है। इस बजट को लेकर महिलाओं, युवाओं और वृद्धों को विशेष उम्मीद है।

Union Budget 2019 : मजदूर, बुजुर्ग और महिलाएं चाहती है मोदी सरकार 2 से ऐसा बजट

Union Budget 2019 : लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद भाजपा सरकार 5 जुलाई को अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट 2019 (Budget 2019) पेश करेगी। इस आम बजट 2019 (Aam Budget 2019) से देश के लोगों को काफी उम्मीदे हैं। साथ ही पहली पूर्णकालिक वित्तमंत्री निर्माला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के लिए भी यह किसी चुनौती से कम नहीं है। इस जनरल बजट 2019 (General Budget 2019) को लेकर महिलाओं, युवाओं और वृद्धों को विशेष उम्मीद है।

सस्ते एजूकेशन लोन की उम्मीद

युवाओं में एजूकेशन लोन को लेकर इस बजट से बहुत उम्मीदे हैं। गौरतलब है शिक्षा के लिए लिए गए लोन के इंट्रेरेस्ट अमाउंट पर सेक्शन 80E के तहत टैक्स छूट मिलता है। पर जब से इसकी शुरूआत हुई है तब से इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस दौरान देश में शिक्षा के साथ उसमें लग रहा खर्च भी कई गुना बढ़ गया है।

खेतिहर मजदूर

फरवरी में पास हुए अंतिरम बजट में किसानों को 6 हजार रुपए सलाना देने का निर्णय किया गया था। लेकिन खेतों में मजदूरी करने वाले लोगों पर ध्यान नहीं दिया गया था। इस बार बजट में इस वर्ग ने उम्मीद लगाई है कि जैसे पिछले बजट में किसानों को राशि दी गई वैसे ही इस बार सरकार इनके लिए बजट में कुछ विशेष लाएगी। मनरेगा में मिल रही मजदूरी में भी इजाफा होने की उम्मीद लगाई गई है।

महिलाओं को बजट से उम्मीद

महिलाओं के लिए बजट में आमतौर पर कुछ न कुछ विशेष जरूर होगा। राज्य सरकारों द्वारा आंगनबाड़ी और पोषण अभियान से जुड़ी महिलाओं को दी जा रही राशि में बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। महिलाओं को उम्मीद है कि सरकार कोई ऐसी योजना की शुरूआत कर सकती है जिससे गांव की महिलाओं को घर पर रहते हुए कमाई का एक स्त्रोत मिल सकता है।

मजदूर वर्ग

फरवरी में पास हुए अंतरिम बजट में सरकार ने मजदूरों के लिए 100 रुपए मासिक योगदान के साथ 60 साल की आयु पूरी होने के बाद उन्हें 3000 रुपए मासिक पेंशन देने की बहुआयामी योजना की शुरूआत की। इसके लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया। अब देश के मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी के नियम को सख्ती से लागू करवाने की उम्मीद की जा रही है। साथ ही जिन राज्यों में अभी भी न्यूनतम मजदूरी तय नहीं है वहां इसके लागू होने की उम्मीद की जा रही है।

वरिष्ठ नागरिक

देश में अभी बुजुर्ग नागरिकों को सेक्शन 80DDB के तहत कुछ विशेष गंभीर बीमारियों के इलाज पर खर्च के लिए 1 लाख रुपए टैक्स छूट मिलते हैं। इस बजट में उन्हें इसमें बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही बुजुर्ग नागरिक 65, 70 और 75 वर्ष की आयु में मूल पेंशन में वृद्धि की भी उम्मीद कर रहा है। पिछले 15 साल पहले नौकरी से रिटायर्ड हुए कर्मचारियों की पेंशन मौजूदा समय में महगाई के हिसाब से फिट नहीं बैठती इसलिए इन बुजुर्ग रिटायर्ड कर्मचारियों को उम्मीद है कि मोदी सरकार उनके लिए इस बजट में कुछ खास होगा।

Share it
Top