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Union Budget 2019 : एक वित्त मंत्री जो अपने जन्मदिन पर पेश करते थे बजट, जानें बजट से जुड़ी कई रोचक बातें

भाजपा की पुरानी सरकार में अरुण जेटली ने वित्त मंत्रालय संभाला, स्वास्थ्य खराब हुआ तो पीयूष गोयल ने आंतरिम बजट पेश किया। नई सरकार बनी तो कार्यभार भी नए हाथों में गया। पुरानी सरकार में रक्षा मंत्रालय को संभालने वाली निर्मला सीतारमण को इसबार वित्त मंत्रालय का कार्यभार दिया गया है। आइए जानते हैं बजट से जुड़ी रोचक बातें...

Union Budget 2019 : एक वित्त मंत्री जो अपने जन्मदिन पर पेश करते थे बजट, जानें बजट से जुड़ी कई रोचक बातेंUnion Budget 2019 Ex finance ministers Morarji desai presented most union budgets on his birthday

लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद मोदी सरकार 5 जुलाई को अपनी दूसरी पारी का पहला पूर्ण बजट (Union Budget 2019) पेश करेगी। इस बजट से लोगों को खासी उम्मीदें है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को लेकर सरकार क्या कुछ नया लाती है, ये देखना दिलचस्प होगा। मोदी की पहली सरकार के शुरुआती सालों में अरुण जेटली (Arun Jaitley) वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे थे।

खराब स्वास्थ्य के चलते रेल मंत्रालय का कार्यभार संभाले पीयूष गोयल (Piyush Goyal) को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया और उन्होंने इस साल फरवरी में आंतरिम बजट पेश किया। नई सरकार बनी तो कार्यभार भी नए हाथों में गया। पुरानी सरकार में रक्षा मंत्रालय को संभालने वाली निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को इसबार वित्त मंत्रालय का कार्यभार दिया गया है। आइए जानते हैं बजट (Aam Budget 2019) से जुड़ी रोचक बातें...

सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई (Morarji Desai) के नाम है। उन्हें कांग्रेस ने दो कार्यकाल में अपना वित्त मंत्रालय सौपा, वह 10 बार आम बजट व 2 बार आंतरिम बजट पेश कर चुके हैं। पहली बार उन्होंने 1959 में बजट पेश किया, इसके बाद वह 1963 तक लगातार बजट पेश करते रहे। प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु बाद इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनी उन्होंने भी देश का वित्त मंत्रालय मोरारजी देसाई को सौपा, 1967 से लेकर 1969 तक बजट पेश किया। मोरारजी देसाई के साथ एक रोचक बात यह है कि उनका जन्मदिन चार साल में एक बार आता था उसे यादगार बनाने के लिए 1962-63 और 1967-68 का बजट लीप ईयर यानी 29 फरवरी को पेश किया।


1999 से 2004 तक चली पीएम अटल विहारी वाजपेयी (PM Atal Vihari Vajpayee) की सरकार के बाद सत्ता में कांग्रेस आई, उसने वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी पी चिदंबरम को सौंपी। अगले चार साल यानी 2008 तक उन्होंने संसद में बजट पेश किया। चिदंबरम 1997 और 1998 में भी वित्त मंत्री रहे, 2013 में प्रणब मुर्खजी के राष्ट्रपति बनने के बाद आखिरी बार बजट पेश किया। कुल मिलाकर पी चिदंबरम ने रिकॉर्ड 9 बार बजट पेश किया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी ने, यशवंतराव बलवंतराव चह्वाण, सीडी देशमुख व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने 7-7 बार देश के सरकार अगले एक साल के खर्चों का लेखा जोखा पेश किया। पहले बजट संसद में शाम के 5 बजे से पेश किए जाते थे, भाजपा सरकार में वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाले यशवंत सिन्हा ने इस समय को बदलकर सुबह 11 कर दिया। उसके बाद से अब इसी समय पर बजट पेश किए जाते हैं।

10 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने 6 बार बजट पेश किया। साथ ही देश के चौथे वित्त मंत्री रहे टी टी कृष्णामचारी ने भी 6 बार बजट पेश किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने 5 बार बजट पेश किया। 3 बार बजट पेश करने वाले वित्त मंत्रियों की सूची में पूर्व राष्ट्रपित वेंकटरमण और एच एम पटेल का नाम आता है। वी पी सिंह, जॉन मथाई, सी सुब्रमण्यम, जसवंत सिंह ने 2-2 बार बजट पेश किया है।

एक बार बजट पेश करने वालों की लिस्ट में ज्यादातर प्रधानमंत्री हैं जिनमें जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, चरण सिंह, यूपी के पूर्व सीएम एनडी तिवारी, एस बी चाव्हाण व सचिंद्र चौधरी ने 1-1 बार आम बजट पेश किया है। जहां तक बात महिलाओं की है तो निर्मला सीतारमण से पहले इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए बजट पेश किया था। इसके बाद किसी महिला को वित्त मंत्रालय का कार्यभार नहीं मिला। निर्मला सीतारमण देश की पहली पूर्ण कालिक वित्त मंत्री हैं जो 5 तारीख को मोदी सरकार का बजट पेश करेंगी।

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