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UNGA में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उठाया आतंकवाद और कोरोना का मुद्दा, जानें 10 बड़ी बातें

UNGA में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद समेत कई जरूरी मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले में खून की नदियां बहती रहीं। लेकिन अब हमें बदलाव की जरूरत है।

UNGA में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उठाया आतंकवाद और कोरोना का मुद्दा, जानें 10 बड़ी बातें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

UNGA में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद समेत कई जरूरी मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले में खून की नदियां बहती रहीं। लेकिन अब हमें बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सदी बदल जाए और हम न बदलें तो बदलाव लाने की ताकत कमजोर हो जाती है। इसी के साथ आइए जानते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से जुड़ी 10 बड़ी बातें -

1. जिस संस्था का गठन तब की परिस्थितियों में हुआ था, उसका स्वरूप क्या आज भी प्रासंगिक है? अगर हम बीते 75 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र की उपलब्धियों का मूल्यांकन करें, तो अनेक उपलब्धियां दिखाई देती हैं। अनेक ऐसे उदाहरण भी हैं, जो संयुक्त राष्ट्र के सामने गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता खड़ी करते हैं।

2. ये बात सही है कि कहने को तो तीसरा विश्व युद्ध नहीं हुआ, लेकिन इस बात को नकार नहीं सकते कि अनेकों युद्ध हुए, अनेकों गृहयुद्ध भी हुए। कितने ही आतंकी हमलों ने खून की नदियां बहती रहीं। इन युद्धों और हमलों में, जो मारे गए वो हमारी-आपकी तरह इंसान ही थे।

3. लाखों मासूम बच्चे जिन्हें दुनिया पर छा जाना था, वो दुनिया छोड़ कर चले गए। उस समय और आज भी, संयुक्त राष्ट्र के प्रयास क्या पर्याप्त थे?

4. पिछले 8-9 महीने से पूरा विश्व कोरोना वैश्विक महामारी से संघर्ष कर रहा है। इस वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र कहां है? एक प्रभावशाली Response कहां है?

5. भारत के लोग UN के रिफॉर्म्स को लेकर जो प्रोसेस चल रहा है, उसके पूरा होने का बहुत लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। भारत के लोग चिंतित हैं कि क्या ये Process कभी logical end तक पहुंच पाएगा। कब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र के decision making structures से अलग रखा जाएगा।

6. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि भारत जब किसी से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, तो वो किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं होती।

7. भारत जब विकास की साझेदारी मजबूत करता है, तो उसके पीछे किसी साथी देश को मजबूर करने की सोच नहीं होती। हम अपनी विकास यात्रा से मिले अनुभव साझा करने में कभी पीछे नहीं रहते।

8. भारत की Vaccine Production और Vaccine Delivery क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालने के लिए काम आएगी।

9. विश्व के सब से बड़े लोकतंत्र होने की प्रतिष्ठा और इसके अनुभव को हम विश्व हित के लिए उपयोग करेंगे। हमारा मार्ग जनकल्याण से जगकल्याण का है।

10. Pandemic के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

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