Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

कोरोना वायरस की दवा के दो चरण सफल, भारत ने बनायी फैवीपिराविर टैबलेट

दो चरण के सफल परीक्षण के बाद भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों के ऊपर ग्लेनमार्क फार्मा ने अपनी एंटी वायरल टेबलेट फैवीपिराविर के तीसरे चरण का भी क्लीनिकल परीक्षण शुरू कर दिया है। अनुमान है कि जुलाई-अगस्त तक इसके सभी परीक्षण पूरे कर लिए जाएंगे।

कोरोना वायरस की दवा के दो चरण सफल, भारत ने बनायी फैवीपिराविर टैबलेट
X

दो चरण के सफल परीक्षण के बाद भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों के ऊपर ग्लेनमार्क फार्मा ने अपनी एंटी वायरल टेबलेट फैवीपिराविर के तीसरे चरण का भी क्लीनिकल परीक्षण शुरू कर दिया है। अनुमान है कि जुलाई-अगस्त तक इसके सभी परीक्षण पूरे कर लिए जाएंगे। गौरतलब है कि भारत में कोरोना वायरस के मरीजों पर फैवीपिराविर टैबलेट के तीसरे चरण की क्लीनिकल ट्रायल शुरू करने वाली ग्लेनमार्क पहली कंपनी है।

अप्रैल की आखिर में मिली मंजूरी के बाद इस टैबलेट का क्लीनिकल ट्रायल 10 विभिन्न सरकारी व निजी अस्पतालों में किया जा रहा है। ग्लेनमार्क फार्मा के उपाध्यक्ष और क्लीनिकल डेवलपमेंट की प्रमुख डॉ.मोनिका टंडन ने इस बारे में यकीन व्यक्त करते हुए कहा कि अध्ययन के परिणाम आश्चर्यजनक होंगे,क्योंकि कोरोना वायरस के इलाज के लिए अभी कोई प्रभावी दवा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इन परीक्षणों से प्राप्त होने वाले परिणाम कोविद-19 के उपचार व प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाएंगे।

अनुमति मिलने पर भारत में इसे फैबफ्लू ब्रांड नाम से बेचा जाएगा

बतादें कि ग्लेनमार्क पहली ऐसी कंपनी है जिसे भारत में कोविद-19 मरीजों पर परीक्षण के लिए नियामक ने अपनी मंजूरी दी है। स्वीकृत क्लीनिकल ट्रायल प्रोटोकॉल के तहत उपचार की अधिकतम 14 दिन होगी और अध्ययन की कुल अवधि अधिकतम 28 दिन से ज्यादा नहीं होगी। फैवीपिराविर ने इनफ्लूएंजा वायरस के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है और जापान में इसे इनफ्लूएंजा वायरस संक्रमण के ईलाज में उपयोग की अनुमति मिली हुई है। भारत में यदि इसे वाणिज्यिक मंजूरी मिलती है तो इसे फैबफ्लू ब्रांड नाम से बेचा जाएगा।

Next Story