Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

सिरसल के दो व्यक्तियों की यूपी के बाराबंकी में गोली मारकर हत्या

गांव सिरसल के दो व्यक्तियों की यूपी के रामसने ही घाट जिला बाराबांकी में रविवार को दिनदहाड़े एएसयूवी में सवार बदमाशों ने गोलियों मारकर हत्या कर दी। सोहनलाल महीने में दो या तीन बार यूपी के रामसने ही घाट मेें स्थित राम जानकी मंदिर में मरीजों को देखकर दवाइयां देते थे।

सिरसल के दो व्यक्तियों की यूपी के बाराबंकी में गोली मारकर हत्यागोली मारकर हत्या

गांव सिरसल के दो व्यक्तियों की यूपी के रामसनेहीघाट जिला बाराबांकी में रविवार को दिनदहाड़े एएसयूवी में सवार बदमाशों ने गोलियों मारकर हत्या कर दी। पता चलने के बाद पूरे गांव में गमगीन का माहौल है। हत्या को लेकर लोग अलग-अलग कयास लगा रहे है। गांव के आयुर्वेदिक चिकित्सक सोहनलाल उर्फ वैद्य जी (40 वर्ष) अपने सहायक कंपाउडर राममेहर शर्मा (35 वर्ष) के साथ आयुर्वेद चिक्तिसा देने का काम करते थे।

सोहनलाल महीने में दो या तीन बार यूपी के रामसने ही घाट मेें स्थित राम जानकी मंदिर में मरीजों को देखकर दवाइयां देते थे। सोहनलाल रविवार को भी मरीजों को देखने व दवाइयां देने के लिए गये हुए थे और अपने साथ गांव के ही राममेहर को भी ले गये थे, जो उनके साथ पहली बार यूपी घूमने के लिया गया था। जानकारी के मुताबिक जब वे दोपहर लगभग 1.20 बजे मंदिर में बैठे मरीजों को दवाइयां दे रहे थे तो चार बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी।

जिसमें सोहनलाल को पांच व राममेहर को दो गोलियां लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हमलावर जिस गाड़ी में थे वो भी हरियाणा के नंबर एचआर 69बी -1919 बताई जा रही है। जो वहां आसपास लगे सीसीटीवी कमरों की फूटेज से पता चली है।

पहली बार गया था यूपी घूमने के लिए राममेहर।

राममेहर उर्फ काला पहली बार सोहनलाल के साथ यूपी घूमने के लिए गया था, लेकिन उसे नहीं पता था कि वह दोबारा फिर कभी वापिस नहीं आयेगा। राममेहर गांव के ही शराब के ठेके पर नौकरी करता था और उसके पास एक 9 वर्ष का लड़का है। राममेहर के बड़े भाई ने बताया कि उसका गांव में भी पहले कभी किसी के साथ कोई लड़ाई झगड़ा भी नहीं था। राममेहर तीन भाई व एक बहन में से दूसरे नंबर पर था और लगभग 11 वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी।

सोहनलाल महीने में दो बार जाता था दवाई देने के लिए।

जानकारी के अनुसार सोहनलाल को वहां वैद्य जी के नाम से जाना जाता था। जो महीने में दो बार मरीज देखने व दवाइयां देने के लिए जाया करते थे। वे यूपी के लखनऊ के गोसाईगंज व अन्य कस्बों में भी दवाइयां देते थे। वे शहर के दर्पण सिनेमा के सामने एक धर्मशाला में कई दिन रूकते थे। उनके साथ तीन-चार लोग अन्य भी रहते थे। देर रात तक भी उनकी डैड बाडी नहीं पहुंच पाई थी। इस घटना के बाद ग्रामीण काफी सदमे थे।

Next Story
Top