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Triple Talaq Bill In Lok Sabha : 16वीं लोकसभा में पास होने के बाद 17वीं लोकसभा में क्यों वापस आया तीन तलाक बिल

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल और 17वीं लोकसभा का पहला तीन तलाक बिल संसद में आज पेश किया गया है। यह नया तीन तलाक बिल केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद पेश किया है। बिल के पेश होते ही लोकसभा में हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस नेता शशि थरूर और एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी तीन तलाक बिल का विरोध किया है।

Tripal Talaq Bill
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Tripal Talaq Bill

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल और 17वीं लोकसभा का पहला तीन तलाक बिल संसद में आज पेश किया गया है। यह नया तीन तलाक बिल केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद पेश किया है। बिल के पेश होते ही लोकसभा में हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस नेता शशि थरूर और एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी तीन तलाक बिल का विरोध किया है। बता दें कि मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में तीन तलाक बिल को लोकसभा में पास हो गया था लेकिन राज्यसभा में पास नहीं हो पाया था।

16वीं लोकसभा में तीन तलाक बिल हुआ था पास

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल और 16वीं लोकसभा में संसद में तीन तलाक बिल पास हो गया था। लेकिन मोदी सरकार के पहले कार्यकाल पूरा होने के बाद पिछला विधेयक निष्प्रभावी हो गया था क्योंकि यह राज्यसभा में बिल पास नहीं हो पाया था। जानकारी के लिए आपको बता दें कि जब कोई बिल लोकसभा में पारित हो जाता है और वह बिल राज्यसभा में पास न हो तो इस स्थिति में निचले सदन (लोकसभा) के भंग होने पर वह विधेयक निष्प्रभावी हो जाता है। राज्यसभा में तीन तलाक बिल को पास होने के लिए समर्थन नहीं मिला था, जिस कारण यह बिल राज्यसभा में अटक गया। इसके बाद लोकसभा भंग हो गई थी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया जिक्र

बीते गुरुवार को संसद को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी तीन तलाक और हलाला का जिक्र किया था। रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में कहा था कि महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है। राष्ट्रपित ने कहा था कि देश में हर बहन बेटी के लिए समान अधिकार देने के लिए तीन तलाक और हलाला का खत्म होना आवश्यक है।

लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश होने पर हंगामा

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज संसद में तीन तलाक बिल पेश कर दिया है। जिसके बाद संसद में इस बिल का विरोध होना शुरू हो गया। जब बिल को लेकर विपक्ष का विरोध हुआ तो बिल को लोकसभा में पेश करने के लिए वोटिंग कराई गई। वोटिंग के बाद तीन तलाक बिल के पक्ष में 186 वोट पड़े जबकि विरोध में 74 वोट पड़े हैं। इसके बाद लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने रविशंकर प्रसाद से विधेयक को पुनर्स्थापित करने का आदेश दिया है।

इन्होंने किया तीन तलाक बिल का विरोध

केरल से सांसद एन.के प्रेमचंद्रन ने तीन तलाक बिल के ड्राफ्ट का विरोध किया। साथ ही उन्हेंने इस बिल को आर्टिकल 14 का उल्लंघन बताया है। वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी तीन तलाक बिल के ड्राफ्ट का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं की हालत में कोई सुधार होने वाला नहीं। न ही उनके हितों की रक्षा होने वाली है। मैं इस बिल का समर्थन नहीं करता हूं।

असदुद्दीन ओवैसी ने ट्रिपल तालाक बिल को असंवैधानिक बताया

एआईएमआईएम के चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तीन तलाक के बिल का विरोध करते हुए कहा कि ट्रिपल तालाक बिल असंवैधानिक है। यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन है। हमारे पास पहले से ही घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, सीआरपीसी धारा 125, मुस्लिम महिला विवाह अधिनियम है। अगर ट्रिपल तालाक बिल एक कानून बन जाता है तो यह महिलाओं के खिलाफ और भी बड़ा अन्याय होगा।

अगर कोई आदमी गिरफ्तार हो जाता है, तो वह जेल से भत्ता कैसे देगा? सरकार का कहना है कि अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति इस अपराध को करता है तो विवाह बरकरार रहेगा और अगर उसे अदालत द्वारा दंडित किया जाता है तो उसे 3 साल की जेल होगी। वह 3 साल के लिए जेल जाएगा लेकिन शादी बरकरार रहेगी! मोदी क्या कानून बना रहे हैं?

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