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Swami Vivekananda Birthday : जानें कैसे नरेंद्रनाथ दत्त बने स्वामी विवेकानंद, ये हैं उनकी 5 बुक्स

Swami Vivekananda Birthday : दुनिया के सामने भारत की एक नई तस्वीर पेश करने वाले महापुरूष महान दार्शनिक स्‍वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) का 12 जनवरी (12 January) को जयंती है।

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बुक बैंक (फाइल फोटो)

Swami Vivekananda Birthday : दुनिया के सामने भारत की एक नई तस्वीर पेश करने वाले महापुरूष महान दार्शनिक स्‍वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) की 12 जनवरी (12 January) को जयंती है। इस बार उनकी 157वीं जयंती (157th Jayanti) मनाई जाएगी। नरेंद्रनाथ दत्त का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था। सिर्फ 25 साल की उम्र में उन्होंने संन्यास लिया और नरेंद्रनाथ से स्वामी विवेकनंद बन गए। वेद और दर्शन शास्‍त्र का ज्ञान हासिल किया। नरेंद्रनाथ दत्त 25 साल की उम्र में घर-बार छोड़कर सन्यासी बन गए और संन्यास लेने के बाद उनका नाम विवेकानंद पड़ा।

अमेरिका में दिए गए उनके भाषण ने दुनिया के सामने भारत की एक नई तस्वीर पेश की थी। अमेरिका में वेदांत आंदोलन की उत्पत्ति का अध्ययन करने के लिए स्वामी विवेकानंद गए। उन्होंने आत्म-प्रयास, शक्ति और स्वतंत्रता के बारे में संदेश दिया। उनके संदेश में ऐसा क्या जादू था, जिसने उन्हें अमेरिका और भारत की मातृभूमि में इतना लोकप्रिय बना दिया।

ये हैं विवेकानंद की वो 5 सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली किताबें, जिन्होंने दुनिया के कई लोगों का मार्गदर्शन ही नहीं लोगों को आगे भी बढ़ाया और एक रही रास्ता भी दिखाया।

स्वामी विवेकानंद की 5 किताबें (Swami Vivekananda 5 books)

1. कर्म योग - कर्म योग (द एक्शन ऑफ एक्शन) स्वामी विवेकानंद की सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली किताब है। इस पुस्तक में स्वामी विवेकानंद ने भगवद्गीता में कर्म योग की अवधारणा पर चर्चा की है। किताब ज्ञान और ज्ञान के प्रति एक धार्मिक रास्ता भी दिखाती है।

2. राज योग - स्वामी विवेकानंद की ये किताब पतंजलि के योग सूत्र की व्याख्या करती है। विवेकानंद की इन योग सूत्रों की समझ को गहन और आसान तरीके से प्रस्तुत करता है। पुस्तक पहली बार 1896 में प्रकाशित हुई। यह एक परिचय और राज-योग के आठ चरणों के बारे में जानकारी देती है।

3. ज्ञान योग - ये किताब भी स्वामी विवेकानंद के व्याख्यान पर आधारित फिल्म है। जोसफ जोसिया गुडविन द्वारा लिखित है। ये व्याख्यान मुख्य रूप से न्यूयॉर्क शहर और लंदन में दिए गए थे। यह किताब योग को रेखांकित करने वाली कुछ बुनियादी अवधारणाओं को समझाने वाली है।

4. भक्ति योग - भक्ति योग एक आध्यात्मिक मार्ग या हिंदू धर्म के आध्यात्मिक अभ्यास के बारे में बताती है, जो भगवान से प्रेम और भक्ति पर आधारित है। यह ईश्वर का सबसे सरल और सीधा मार्ग है। इस पुस्तक में स्वामी विवेकानंद अंतर्दृष्टि और गहन ज्ञान के साथ लिखते हैं।

स्वामी विवेकानंद की 5 किताबें1897 में पश्चिमी यात्रा से लौटने के बाद स्वामी विवेकानंद ने कोलंबो से अल्मोड़ा तक के बारे में इस किताब में चर्चा की है। उनकी पश्चिम की यात्रा एक बड़ी सफलता में साबित हुई और भारत में उनकी उपलब्धियों को बहुत मना गया है। स्वामी विवेकानंद ने तब बड़े पैमाने पर यात्रा की और कई भारतीय राज्यों का दौरा किया।

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