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सूरत आग: चारों तरफ धुआं ही धुआं, कुछ न समझ आया तो चौथी मंजिल से कूदने लगे छात्र- 20 की मौत

सूरत के तक्षशिला कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार को आग लगने से 15 छात्रों समेत 20 की मौत हो गई है। इमारत चार मंजिला है। इसकी दूसरी मंजिल पर आग लगी। हादसे के वक्त दूसरी मंजिल पर डिजाइनिंग की कोचिंग चल रही थी। जान बचाने के लिए 13 बच्चे चौथी मंजिल से कूद गए।

सूरत आग: चारों तरफ धुआं ही धुआं, कुछ न समझ आया तो चौथी मंजिल से कूदने लगे छात्र- 20 की मौत
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सूरत आग (Surat Fire) तक्षशिला कॉम्प्लेक्स (Takshila Complex Fire) : वाणिज्यिक परिसर तक्षशिला की दूसरी मंजिल में शुक्रवार दोपहर आग लग गई। जिसमें 15 छात्रों समेत 20 की मौत हो गई है। आग की लपटें देख कोचिंग पढ़ने आए छात्रों ने जान बचाने के लिए तीसरी और चौथी मंजिल से कूदना शुरू कर दिया। कुल 13 बच्चे चौथी मंजिल से कूद गए। दमकल अधिकारियों ने बताया कि कई बच्चों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया है। यह बिल्डिंग मुंबई-अहमदाबाद हाइवे के पास सरथना इलाके में स्थित है। तक्षशिला कॉम्प्लेक्स नामक बिल्डिंग में कई दुकानें और कोचिंग सेटर्स हैं। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें कई छात्र बिल्डिंग से कूदते दिखाई दे रहे हैं।

इस वजह से हुई मौत

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि कुछ छात्रों की मौत आग से झुलसने और कुछ की मौत घबराहट में बिल्डिंग से कूदने के कारण हुई। दूसरी तरफ किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए नई दिल्ली स्थित एम्स के बर्न एंड ट्रॉमा सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की गई है।

4 लाख रुपये की आर्थिक मदद

सूरत के पुलिस कमिश्नर सतीश कुमार मिश्रा ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है। फिलहाल आग लगने की वजह साफ नहीं है। गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घटना में जान गंवाने वाले हर छात्र के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का भी ऐलान किया है।

50 से ज्यादा छात्र थे मौजूद

फायर ब्रिगेड की 18 गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त बिल्डिंग में 50 से ज्यादा बच्चे और टीचर मौजूद थे। स्थानीय लोगों और प्रशासन का कहना है कि ज्यादातर छात्रों की मौत घबराहट में बिल्डिंग से छलांग लगाने की वजह से हुई है।

देर से पहुंची मदद

स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ियां आग लगने के आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। लेकिन, उस वक्त उनके पास जरूरी उपकरण नहीं थे, जिनके जरिए आग में फंसे बच्चों को बाहर निकाला जा सके। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जिस वक्त बच्चे इमारत से छलांग लगा रहे थे, उस वक्त दमकल सामने खड़ी थीं। लेकिन, उनकी सीढ़ियां ऊपरी मंजिल तक नहीं पहुंच पाईं।

सीएम ने मांगी रिपोर्ट, नड्डा ने की बात

गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने हादसे पर दुख जाहिर किया। उन्होंने बच्चों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया और कहा कि एक दिन के भीतर हादसे की जांच रिपोर्ट पेश की जाए। रुपाणी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात की है। नड्डा ने एम्स ट्रामा सेंटर के निदेश को हर मदद के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली एम्स में भी डॉक्टरों की एक टीम को अलर्ट रखा गया है।

पीएम ने सहायता के दिए निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत में भयंकर अग्निकांड पर शुक्रवार को गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने गुजरात सरकार एवं स्थानीय प्रशासन को प्रभावित लोगों को सभी संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।

राहुल गांधी ने दुख जताया

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सूरत के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना पर दुख जताया है। गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'सूरत (गुजरात) में हुये इस हादसे की ख़बर से बहुत दुःख पहुंचा है। पीड़ित परिवारों के प्रति, मैं गहरी शोक और संवेदना व्यक्त करता हूं।

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