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पश्चिम बंगाल: सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर प्रतिबंध के खिलाफ दायर याचिका को किया खारिज, जानें क्या है पूरा मामला

उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में चल रहे त्योहारी सीजन के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध के खिलाफ दायर एक याचिका को खारिज कर दिया।

पश्चिम बंगाल: सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर प्रतिबंध के खिलाफ दायर याचिका को किया खारिज, जानें क्या है पूरा मामला
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पश्चिम बंगाल: सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर प्रतिबंध के खिलाफ दायर याचिका को किया खारिज

पश्चिम बंगाल: कलकत्ता हाईकोर्ट के द्वारा पटाखों पर लगाए गए प्रतिबंध के फैसले को चुनौती देने वाली दायर याचिका को आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चल रहे त्योहारी सीजन के दौरान पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर बैन लगा दिया था।

इस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाया है। इस याचिका को खारिज करने के दौरान जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम समझते हैं कि ये त्योहार महत्वपूर्ण हैं। लेकिन जब हमारे जीवन से ज्यादा नहीं।

त्योहार से ज्यादा अहम मानव जीवन

इस याचिका को खारिज करने के दौरान जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम समझते हैं कि ये त्योहार महत्वपूर्ण हैं। लेकिन जब हमारे जीवन से ज्यादा नहीं। इस कारण जब हमारे जीवन किसी चीज से खतरे में होता है, तो मानव जीवन को बचाने के लिए कोई भी प्रयास किया जाना चाहिए।

चंद्रचूड़ ने कहा कि हम त्योहारों के महत्व और उसकी पंरपरा के बारे में काफी जागरूक हैं और अच्छे बखूबी इस महत्वता को समझते भी हैं। लेकिन अभी हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि हम सब महामारी के बीच में जी रहे हैं। इसलिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए गए फैसले को सभी को समर्थन करना चाहिए।

दुर्गा पूजा के जैसा काली पूजा में भी लागू रहेगा प्रतिबंध

बता दें कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दिवाली, काली पूजा, जगद्धात्री पूजा और छठ पर पटाखों को फोड़ने और बिक्री पर बैन लगा दिया था। न्यायमूर्ति संजीव बनर्जी और अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने दो जनहित याचिकाओं (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया था।

अदालत ने कहा कि यह प्रतिबंध जगद्धात्री पूजा, छठ और कार्तिक पूजा के दौरान भी लागू रहेगा। वहीं, गाइडलाइन के मुताबिक, जिस तरह दुर्गा पूजा के पंडालों में प्रवेश नहीं करने की अनुमति थी, उसी तरह काली पूजा में यह प्रतिबंध लागू रहेगा।

पंडालों के आकार पर लोगों को मिलेगी अनुमति

अदालत ने पुलिस को आदेश दिया कि काली पूजा के दौरान मानदंडों को सख्ती से लागू करवाया जाए। अदालत ने कहा कि 300 वर्ग मीटर तक के क्षेत्र में काली पूजा पंडालों में 15 लोगों की अनुमति होगी और बड़े पंडालों में 45 व्यक्तियों की अनुमति होगी।

वहीं, मूर्ति विसर्जन के दौरान जुलूस की भी अनुमति नहीं होगी। गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल नेदिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र, राजस्थान, यूपी सहित कई शहरों में प्रदुषण स्तर को देखते हुए 30 नवंबर तक पटाखों की जलाने और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया।

Priyanka Kumari

Priyanka Kumari

Jr. Sub Editor


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