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सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और राज्य सरकारों को आदेश, 15 दिन में घर भेजे जाएं सभी प्रवासी मजदूर

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 15 दिनों में सभी प्रवासियों को वापस उनके घर भेजा जाए। 24 घंटे के भीतर केंद्र सरकार की तरफ से प्रवासी मजदूरों के लिए अतिरिक्त ट्रेनें दी जाएंगी।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कोरोना वायरस महामारी की वजह से देशभर में लगे लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों को लेकर बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट केंद्र और राज्य सरकारों को 15 दिन के भीतर सभी मजदूरों को उनके घर वापस भेजने के आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 15 दिनों में सभी प्रवासियों को वापस उनके घर भेजा जाए। 24 घंटे के भीतर केंद्र सरकार की तरफ से प्रवासी मजदूरों के लिए अतिरिक्त ट्रेनें दी जाएंगी।

बता दें कि देश में कोरोना वायरस की वजह से 24 मार्च से लॉकडाउन लागू है। वर्तमान समय में देश में लॉकडाउन का पांचवां चरण चल रहा है। हालांकि, सरकार लॉकडाउन के पांचवें चरण में अनलॉक 1 के तहत आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए कई तरह के रियायतें दे रही है।

मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया जाए

लेकिन लॉकडाउन में काम बंद होने के कारण प्रवासी मजदूर काफी परेशान है। काम नहीं होने के कारण प्रवासी मजदूर शहर छोड़कर अपने गांवों और घरों की तरफ कूच कर रहे हैं। कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों के लिए काउंसलिंग सेंटर बनाने के निर्देश भी दिए हैं।

इसके अलावा कोर्ट ने लॉकडाउन में सड़क पर चलने के कारण प्रवासियों के खिलाफ उल्लंघन के दर्ज केस को वापस लेने को भी कहा है। सभी मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया जाए और जो मजदूर घर जाना चाहते हैं, उन्हें 15 दिन के अंदर घर भेजा जाए।

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