Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

शिवसेना सांसद संजय राउत ने पीएम मोदी से मुकाबला करने के लिए विपक्ष को बताया कमजोर, दिया एक विकल्प, जानें वजह

शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि आज के वक्त में विपक्ष के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुकाबला करने के लिए कोई खास चेहरा नहीं है।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने पीएम मोदी से मुकाबला करने के लिए विपक्ष को बताया कमजोर, दिया एक विकल्प, जानें वजह
X

महाराष्ट्र में शिवसेना पार्टी आजकर केंद्र के समर्थन में बयान देकर सियासी माहौल को गर्म कर रही हैं। एक तरफ जहां चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के विपक्ष को एकजुट करने में जुटे हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ शिवसेना सांसद संजय राउत ने विपक्ष को कमजोर करार दिया।

शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि आज के वक्त में विपक्ष के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुकाबला करने के लिए कोई खास चेहरा नहीं है। जब तक विपक्ष के पास चेहरा नहीं है, तब तक कोई चांस नहीं लगता। उन्होंने आगे कहा कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार पीएम मोदी की तुलना में सबसे अच्छे उम्मीदवार हैं। यहां उन्होंने पवार के तुलना की।

उन्होंने आगे कहा कि अगले बार 2024 में बिना किसी बड़े चेहरे के नरेंद्र मोदी को हराना मुश्किल होगा। इसके लिए शरद पवार सही विकल्प हैं। साथ ही यह भी कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस के बड़े नेता हैं, लेकिन अब भी राजनीति में बड़े नेता मौजूद हैं। कांग्रेस में भी नेतृत्व को लेकर संकट है, इसलिए पार्टी अभी तक अध्यक्ष का चुनाव नहीं कर पाई है।

वहीं दूसरी तरफ ममता की पार्टी टीएमसी और पीके को लेकर राउत ने कहा कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बंगाल में अच्छा काम किया है। तृणमूल कांग्रेस और प्रशांत किशोर के बीच भी समझौता हो गया था। आगे बताया कि प्रशांत किशोर ने महाराष्ट्र में काम किया था, हमारे साथ कुछ काम भी किया था। मुझे नहीं पता कि मैं क्या करना चाहता हूं। लेकिन मैं देश के विपक्ष को एक साथ लाने में बड़ा योगदान दे सकता हूं।

बता दें कि शिवसेना सांसद संजय राउत का ऐसा बयान तब आया है जब चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने हाल ही में कांग्रेस के बड़े नेताओं से मुलाकात की। बीते दिन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और वेणुगोपाल से मुलाकात की थी। जिसके बाद अब अटकले हैं कि प्रशांत किशोर पूरे विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ समय पहले प्रशांत किशोर और शरद पवार की कई मुलाकातें हुई थीं।

और पढ़ें
Next Story